श्रीगुरु उवाच


वैयक्तिक जीवनमें अधिक कार्य करनेपर अधिक धन मिलता है; इसलिए सभी जन सहर्ष अधिक कार्य (ओवर टाईम ) करते हैं; परन्तु राष्ट्र और धर्मके लिए एक घण्टा सेवा करनेको कोई इच्छुक नहीं होता । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
साभार : मराठी दैनिक सनातन प्रभात (https://sanatanprabhat.org)


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