श्रीगुरु उवाच


कोई रोग न हो; इस हेतु लसीकरण (वैक्सीनेशन) किया जाता है, उसीप्रकार तीसरे महायुद्धके कालमें बचने लिए साधना ही लस (वैक्सीनशन) है । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था



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