श्रीगुरू उवाच


नामजप अच्छेसे होनेके लिए निम्नलिखित प्रयत्न करें –
१. जप बैठकर न होता हो तो, चलते-फिरते करें !
२. जप करते हुए मनमें अन्य विचार प्रवेश कर रहे हों तो, जप वैखरी वाणीसे अर्थात मुखसे बोलकर करें ! इससे जपपर ध्यान केन्द्रित करनेमें सहायता होती है ।
३. भावजागृति हेतु जप मनमें शान्तिसे करें ! – परात्पर गुरु डॉ. जयन्त आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था



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