श्रीगुरु उवाच


‘स्वतन्त्रतासे अब तकके ७१ वर्षोंमें नेताआेंद्वारा बच्चोंको विद्यालयमें हिन्दू धर्म न सिखानेसे उन्हें हिन्दू धर्मका महत्त्व ज्ञात नहीं; इसलिए उन्हें हिन्दू धर्मका अभिमान ज्ञात नहीं; इसलिए राममंदिर नहीं बनता । इसके विपरीत मुसलमानोंको धर्माभिमान होनेसे सम्पूर्ण विश्‍वमें उनका वर्चस्व है ।’- परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था



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