सभीको थोडे समयके लिए फंसाना सरल होता है, कुछ व्यक्तिको सर्व काल फंसा सकते हैं मात्र सभीको सर्वकाल नहीं फंसाया जा सकता है इस अर्थका एक कहावत है | यह मायाके विषयके संदर्भमें है | इसी कारण बुद्धिप्रमाण्यवादियोंद्वारा सभीको सर्वकाल फंसाना संभव नहीं होता | इसके विपरीत धर्म सत्यका प्रतिपादन करता है अतः सर्वकाल सभीको सीखा सकता है | – परात्पर गुरु डॉ जयंत आठवले (२.४.२०१०)
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