श्रीगुरु उवाच


(हम साधना नहीं करेंगे परन्तु) हमारी संतान श्राद्ध कर, हमारा आगेका मार्ग सरल करे, ऐसा कहनेवाले पिता !
एक साधकको एक पुत्री है । वह अपने माता-पिताका इकलौता पुत्र है । उसके पिता उसे सतत् कहते हैं कि उसे एक पुत्र होना चाहिए । साधकने उनसे पूछा क्यों ? तो वे बोले, आगे मेरा और तुम्हारा श्राद्ध करनेके लिए ! उस साधकने यह बात मुझे बताकर पूछा कि मैं क्या करूं ? इसपर मैंने कहा, साधना कर ६० प्रतिशत आध्यात्मिक स्तरतक पहुंचो, तत्पश्चात् मृत्यु उपरांत महालोकमें जानेपर तुम्हारे लिए किसीको श्राद्ध करनेकी आवश्यकता नहीं रहेगी ! – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले (१६.१.२०१४)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution