श्रीगुरु उवाच


‘कोई भी दल चुनकर आया, तो भी भारतकी स्थिति और बिगडनेवाली है, यह स्वतन्त्रतासे अभीतक ७४ वर्षोंके अनुभवसे जनताको ज्ञात होनेसे वे चुनावके परिणामकी नहीं; अपितु हिन्दू राष्ट्रकी (ईश्वरीय राज्यकी) स्थापनाकी प्रतीक्षामें हैं !’ – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले



Leave a Reply

Your email address will not be published.

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution