भारतीय लोकतन्त्रकी दु:स्थिति एवं हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाकी आवश्यकता
भारतीय लोकतन्त्रमें बुद्धिहीनताकी परिसीमा
कोई बात किस प्रकार की जाए ? किसी सन्दर्भमें क्या निर्णय लिया जाए ? यह उस विषयके विशेषज्ञ सोचते तथा करते हैं; किन्तु भारतपर शासन कौन करेगा ? इसका निर्णय उस विषयका कोई ज्ञान न रखनेवाली जनता लेती है !
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