श्रीगुरु उवाच


हिन्दुओंकी स्थिति अत्यन्त दयनीय होनेका कारण
हिन्दू शब्दकी व्याख्या है, ‘हीनान् गुणान् दूषयति इति हिन्दु:’, हीनान् गुणान् अर्थात हीन या कनिष्ठ, ऐसे रज एवं तमोगुणका, ‘दूषयति’ अर्थात नाश करनेवाला । इस व्याख्यानुसार देखें तो मात्र १०% हिन्दू ही वास्तविक हिन्दू हैं, शेष ९०% केवल जन्महिन्दू हैं ! इसी कारण हिन्दुओंकी स्थिति, विश्वमें ही नहीं; अपितु भारतमें भी दयनीय हो गई है । – परात्पर गुरु डॉ. जयन्त आठवले (८.१.२०१५) संस्थापक, सनातन संस्था

साभार : मराठी दैनिक सनातन प्रभात (https://sanatanprabhat.org)



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