मार्च १०, २०१९
वैसे तो देशमें कई नेता हैं, जोकि अनुचित कृत्योंसे समाचारोंमें रहते हैं; परन्तु इन सबमें वर्तमानमें नवजोत सिंह सिद्धू सबसे उच्च हैं ।
पुलवामा आक्रमणके पश्चात सिद्धूने पाकिस्तानप्रेमके नए नूतन कीर्तिमान बनाए थे, जिसे लेकर उनके विरुद्घ समूचे देशमें क्रोध है । सिद्धूने पाकिस्तानको निर्दोष बताया, फिर सेनाके ‘एयर स्ट्राइक’पर लक्ष्य साधा, पाकिस्तानकी मीडियामें छाए और पाकप्रेम उजागर किया ।
कांग्रेसको चुनावमें प्रतिस्पर्धा करनी है और सिद्धूको लेकर लोगोंके मनमें जो आक्रोश है, अब कदाचित कांग्रेस भी समझने लगी है । शुक्रवार, ८ मार्चको राहुल गांधीने पंजाबमें मोगा रैली की थी और राहुल गांधीकी इस रैलीमें सिद्धू भी आए थे; परन्तु उन्हें इस रैलीमें एक भी शब्द बोलने नहीं दिया गया और सिद्धू बोलनेके लिए स्वयंको बुलाए जानेके लिए बैठे-बैठे देखते रहे और इसी कारण सिद्धू क्रोधित हो गए है !
उनका कहना है कि लगता है मैं अच्छा वक्ता नहीं हूं और न ही अच्छा प्रचारक हूं । उन्होंने कहा कि मुझसे सम्बोधन करवाया जाना है या नहीं, यह निर्धारित करना मेरा नहीं पार्टीका कार्य है; परन्तु मुझे बोलनेका अवसर न देकर पार्टीने मुझे मेरा स्थान बता दिया है ।
“सिद्धू गत कुछ समयसे वे कृत्य कर रहे हैं, जिसे राष्ट्रद्रोह कहा जाता है; परन्तु चूंकि उनके ये कृत्य कांग्रेसके अनुसार ही है; परन्तु चुनावका भी समय है तो उन्हें अनदेखा किया जा रहा है और किया भी जाना चाहिए । यदि गत दिवसोंके सभी वक्तव्य पढे जाए तो किसी भी राष्ट्रप्रेमीको इनके मुखसे ही घृणा हो जाएगी तो कांग्रेस एऐसेमें अपने पांवपर कुल्हाडी नहीं मारना चाहती है; परन्तु अभी भी संरक्षण दिए हुए है, यह सभी स्मरण रखें । सभी राष्ट्रद्रोहियोंका अन्तिम गतव्य कांग्रेस ही रहता है, यह प्रायः प्रतिदिन ही देखनेको मिलता है; अतः अब भारतके लोगोंको ही निर्णय करना है कि उन्हें क्या चुनना है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक भारत
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