दिसम्बर २२, २०१८
दक्षिण कश्मीरके पुलवामा जनपदमें शनिवार, २२ दिसम्बरको प्रातः सुरक्षा बलोंके साथ हुई मुठभेडमें आतंकी जाकिर मूसाके एक निकटवर्ती सहित छह आतंकवादी मारे गए ! कश्मीर संभागके पुलिस महानिरीक्षक स्वयं प्रकाश पाणिने कहा, ‘‘यह एक सुचारू अभियान था और इसमें सभी छह आतंकवादी मारे गए ।’’ उन्होंने बताया कि मारे गए लोग आतंकी गतिविधियोंमें वाञ्छित थे । पुलिसने बताया कि मारे गए आतंकी, जाकिर मूसाके आतंकवादी संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’से (एजीयूएच) जुडे थे । ‘एजीयूएच’का प्रतिबन्धित ‘अल-कायदा’से सम्बन्ध है । पुलिसके एक प्रवक्ताने बताया कि आतंकवादियोंकी उपस्थितिकी विशेष गुप्तचर सूचना मिलनेके पश्चात सुरक्षा बलोंने आज प्रातः दक्षिण कश्मीरके अवन्तिपुरा क्षेत्रके आरामपुरा गांवमें घेराबंदी कर अन्वेषण अभियान आरम्भ किया था । उन्होंने बताया कि अन्वेषणके समय आतंकवादियोंने सुरक्षा बलोंपर गोलियां चला दी, जिससे मुठभेड आरम्भ हुई । सुरक्षा बलोंने भी इसका प्रखर उत्तर दिया । पुलिसके एक अधिकारीने बताया कि मुठभेड स्थलसे शस्त्र और विस्फोटक मिले हैं । मारे गए आतंकवादियोंका अभिज्ञान किया जा रहा है । अधिकारीने बताया कि मुठभेडमें कोई भी नागरिक हताहत नहीं हुआ है और न ही उसकी सम्पत्तिको हानि पहुंची है । उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादियोंका अभिज्ञान अरमपोराके (त्राल) सालेह मोहम्मद अखून, अमलारके फैजल अहमद खानदे, बाटागुंडके (त्राल) नदीम अहमद सोफी, दादसराके (त्राल) रसीक मीर, रौफ मीर और उमर रमजानके रूपमें हुआ है । पाणीने कहा, ‘‘सभी छह आतंकवादी सुरक्षा संस्थानोंपर आक्रमण और नागरिकोंपर अत्याचार सहित अन्य कई आतंकवादी गतिविधियोंमें वांछित थे ।’’ प्रवक्ताने बताया कि ‘एजीयूएच’ आतंकवादी समूह जाकिर मूसा गुटका भाग था, जो पुलवामामें सक्रिय था । प्रवक्ताने कहा, ‘‘आंकडोंके अनुसार, रसिक गत पांच वर्षोंसे कई आतंकवादी गतिविधियोंमें सम्मिलित था । उसके विरुद्ध कई आतंकवादी प्रकरण भी प्रविष्ट हैं ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ब्यौरेके अनुसार अखून वर्ष २०१५ से आतंकवादी गतिविधियोंमें संलिप्त था और क्षेत्रमें सुरक्षा संस्थानोंपर किए कई आक्रमणों और लोगोंपर किए अत्याचारोंमें सम्मिलित था ।’’ उन्होंने बताया कि सोफी और रमजान भी कई आतंकवादी गतिविधियोंमें सम्मिलित था । उन्होंने कहा, ‘‘रौफ और खानदे भी क्षेत्रमें कई आतंकवादी गतिविधियोंका षडयन्त्र करनेमें सम्मिलित थे ।’’ प्रवक्ताने बताया कि मारे गए आतंकवादियोंके शव चिकित्सीय और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करनेके पश्चात उनके परिवार वालोंको सौंप दिए गए हैं । प्रवक्ताने लोगोंसे मुठभेड स्थलके आसपास ना आनेकी याचिका की है, क्योंकि वहां फैली विस्फोटक सामग्रीके कारण ऐसे क्षेत्र भयानक सिद्ध हो सकते हैं । उन्होंने कहा, “क्षेत्रको स्वच्छ किए जाने और वहांसे विस्फोटक सामग्री हटाए जाने तक लोगोंसे पुलिसके साथ सहयोग करनेकी विनती की गई है ।’’
“ऐसे ही सैन्य वीर काल बनकर आतंकियोंपर टूटते रहें और समूचे आतंकवादका अन्त इसीप्रकार हो, ऐसी ईश्वरके चरणोंमें प्रार्थना करते हैं ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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