मई १, २०१९
भारतके गृह मन्त्रालयने राहुल गांधीको अधिसूचना भेजकर उनसे १५ दिवसोंके भीतर उत्तर मांगा है; परन्तु वो उत्तर नहीं देते तो फिर भारत शासन उनके विरुद्घ वैधानिक कार्यवाही करेगा ।
अधिसूचना राहुल गांधीकी नागरिकताको लेकर भेजी गई है । राहुल गांधीके पश्चात अब सोनिया गांधीकी नागरिकताको लेकर भी बडा प्रश्न खडा हो गया है और यह प्रश्न सुब्रमण्यम स्वामीके एक ‘ट्वीट’के पश्चात खडा हुआ है ।
सुब्रमण्यम स्वामीने कहा है कि सोनिया गांधीको दी गई भारतीय नागरिकता अवैधानिक है और भारतके विधानको तोडकर सोनिया गांधीको नागरिकता दी गई थी । सुब्रमण्यम स्वामीने यह भी कहा कि मैं कुछ दिनोंमें सिद्ध कर दूंगा कि सोनिया गांधीको दी गई नागरिकता अवैधानिक है और विधानको तोडकर दी गई थी ।
सुब्रमण्यम स्वामीने कहा कि भारतकी नागरिकताके लिए कुछ आवश्यक जानकारियोंको देना पडता है; परन्तु सोनिया गांधीने भारतकी नागरिकता लेनेसे पूर्व आवश्यक जानकारियां नहीं दी !
उल्लेखनीय है कि जब सोनिया गांधीको भारतकी नागरिकता दी गई थी, तब केन्द्रमें कांग्रेसका ही शासन था, सोनिया गांधीका वास्तविक नाम अंतोनिया माइनो है और ये इटली मूलकी है । आज भी भारतके अधिकतर लोग सोनिया गांधीके पारिवारिक आधारको बिलकुल भी नहीं जानते हैं ।
“छल, छल और छल केवल इसीके बलपर ही कांग्रेस सदैव आगे बढी है । देशका विभाजन हो या झूठ बोलकर अयोग्य व्यक्तियोंके हाथमें सत्ता देना हो, इसमें कांग्रेस सदैव आगे रही है । पहले अपना धर्म परिवर्तित करो, तदोपरान्त लोगोंको धर्मके नामपर विभाजित करो और सत्तापर बैठे रहो, यह कांग्रेसकी संस्कृति रही है । गृह मन्त्रालय इसपर यथाशीघ्र एवं निष्पक्ष जांच करें और यदि दोषी पाए जाते हैं तो कठोर दण्ड प्रदान करें; क्योंकि यह देशके साथ छल है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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