‘नमाज’के लिए ‘मस्जिद’ जाना पडता है, विधानसभामें चाहिए कक्ष, उत्तरप्रदेशके ‘सपा’ विधायक इरफान सोलंकीकी सुनिए मांग
७ सिंतबर, २०२१
उत्तर प्रदेशमें समाजवादी दलके विधायक हाजी इरफान सोलंकीने, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षितको पत्र लिखकर, विधानसभामें ‘नमाज’के लिए एक कक्ष देनेकी मांग की है । उनका तर्क है कि विधानसभाकी कार्यवाहीके मध्य ‘इबादत’के समय उनके समुदायके लोगोंको ‘नमाज अता’ करनेके लिए ‘मस्जिद’ जाना पडता है । इस कारण, कार्यवाहीमें सम्मिलित होनेमें व्यवधान पडता है । यदि भीतर एक छोटासा कक्ष मिल जाए तो बाहर जानेवाली असुविधासे कुछ विधायकोंको मुक्ति मिल सकेगी ।
अपने दृश्यपटमें इरफान सोलंकीने झारखंडका उदाहरण देते हुए बताया कि वे इस प्रकारकी समस्याका सामना गत १५ वर्षोंसे कर रहे हैं । जब भी ‘नमाज’का समय होता है तो मुसलमान विधायक कार्यवाही छोडकर ‘नमाज अता’ करने जाते हैं । यदि विधानसभामें ही, एक प्रार्थना कक्ष हो तो ये समस्या समाप्त हो जाएगी ।
इस दृश्यपटकी ‘कवरेज’पर योगी आदित्यनाथके सूचना परामर्शदाता, शलभ मणि त्रिपाठीने प्रतिक्रिया दी है । वह कहते हैं, “ये यूपी है झारखंड नहीं एवं यहां योगीजीका शासन है ‘कांग्रेस’का नहीं, अब यहां मतके लिए न तो आतङ्की छोडे जाएंगे, न ही बनेगा कोई ‘नमाज’ कक्ष !”
उत्तप्रदेश शासनद्वारा जो उत्तर दिया गया, वह पूर्णत: उचित है, इसप्रकार जिहादीको जबतक स्पष्ट रूपसे मना नहीं करते हैं, तबतक वे अपने मनानुसार कार्य करनेका प्रयास करते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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