अप्रैल १५, २०१९
जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीकी शोभायात्रापर सोमवार, १५ अप्रैलको उनके गृह क्षेत्रमें पथराव किया गया ! अनंतनागके बिजबेहडा क्षेत्रमें यह पत्थरबाजी की गई । इस पथरावमें महबूबा मुफ्तीको तो कोई हानि नहीं हुई; परन्तु उनके दलका एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया । घटनाके पश्चात पुलिसने क्षेत्रका घिरावकर पथराव करनेवाले लोगोंकी खोज आरम्भ की ।
सूचनाके अनुसार, महबूबा मुफ्ती सोमवारको कुछ कार्यक्रमोंमें भाग लेनेके लिए अनंतनागके बिजबेहडा जा रही थीं । सोमवार प्रातःकाल वह अनंतनाग स्थित करीम श्राइनपर माथा टेकने पहुंची थीं और इसके पश्चात वह बिजबेहडामें आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलनमें जानेके लिए दलके साथ रवाना हुईं । इसी मध्य सिरहमाके पास महबूबा मुफ्तीके दलपर कुछ लोगोंने पथराव किया और भाग गए ।
इस पथरावमें महबूबा मुफ्ती बाल-बाल बच गईं, जबकि एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया । आधिकारिक सूत्रोंके अनुसार जो वाहन पथरावकी चपेटमें आया था, वह महबूबाकी शोभायात्राको सुरक्षा प्रदान कर रहा था । घटनाके पश्चात महबूबाके सुरक्षाकर्मियोंने किसीप्रकार बाहर निकाला, जिसके पश्चात सैनिकोंने पथराव करनेवाले लोगोंको पकडनेके लिए यहां अन्वेषण अभियान चलाया ।
उल्लेखनीय है कि अनंतनागका बिजबेहडा क्षेत्र महबूबाका गृह क्षेत्र है और महबूबा मुफ्ती इस बार अनंतनागकी सीटसे ही लोकसभा चुनावमें प्रत्याशी भी हैं । महबूबा मुफ्ती पूर्वमें जम्मू-कश्मीरकी मुख्यमन्त्री भी रही हैं । अनंतनागकी सीटको कश्मीरकी अतिसंवेदनशील लोकसभा सीटके रूपमें जाना जाता है और चुनाव आयोगने यहांपर इस बार सुरक्षाकी दृष्टिसे ३ चरणोंमें मतदान करानेका निर्णय किया है, जिसका आरम्भ २३ अप्रैलसे होगा ।
“महबूबा मुफ्ती एक ओर सेना, पुलिसको कोसते नहीं रूकती हैं और पत्थरबाजोंको अपने ही बच्चे कहकर सम्बोधित करती हैं तो अब इसपर वे मौन क्यों हैं ? जब वे अपने ही बच्चे हैं तो महबूबाको पुलिस और सेनासे सुरक्षा क्यों चाहिए ? क्या अभी भी पत्थर बरसानेवाले अपने ही बच्चे हैं या कुछ और ? इन सबसे ही इन नेताओंकी अवसरवादी वृत्तिका बोध होता है । ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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