‘ब्रैंडिंग’ हेतु कमला हैरिसके नामका प्रयोग करनेपर उनकी भतीजीको ‘व्हाइट हाउस’के अधिवक्ताओंने दी चेतावनी


१७ फरवरी, २०२१
     अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिसकी भतीजी मीना हैरिस अभी कुछ दिवस पूर्व ही भारतके विरुद्ध वक्तव्य साझा करनेके कारण चर्चा में आई थी । अब ‘लॉस एंजिलिस टाइम्स’में प्रकाशित एक समाचारके अनुसार उन्हें ‘व्हाइट हाउस’के अधिवक्ताओंने कहा है कि वे अपनी ‘कंपनी’की ‘ब्रैंडिंग’ हेतु उपराष्ट्रपतिके नामका प्रयोग न करें । मीना हैरिस एक ‘कंपनी’ चलाती हैं जो वस्त्र, ‘डिजाइनर हेडफोंस’ व बच्चोंकी पुस्तकोंका व्यवसाय करती है । ‘व्हाइट हाउस’के अधिकारियोंने समाचार पत्रके माध्यमसे कहा है कि कुछ प्रसंगोंको अब पूर्वकी भांति नहीं लिया जा सकता है: अतः ‌इस हेतु अब मीनाको अपने व्यवहारमें परिवर्तन लाना अनिवार्य है । मीरा हैरिसके वस्त्रोंकी ‘कंपनी’ने कमला हैरिसके छायाचित्रवाली ‘स्वेटशर्ट’ निकालते हुए उसपर लिखा था ‘वाइस प्रेसिडेंट आंटी’ । वहीं समाचारमें यह भी कहा गया की चेतावनीके पश्चात भी मीरा हैरिसने शपथ ग्रहण समारोहमें जानेके लिए एक व्यक्तिगत ‘जेट’ विमानका प्रयोग किया था । मीना हैरिसने ‘आई एम स्पीकिंग’ शब्दोंका भी अपने वस्त्रोंपर विक्रय हेतु छापा था । इसमें ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह वही पंक्ति है जिसका प्रयोग कमला हैरिसने तत्कालीन उपराष्ट्रपति माइक पेंसके साथ चर्चाके मध्य किया था । मीराद्वारा ‘हेडफोंस’पर भी कमला हैरिसद्वारा प्रयोग किए गए शब्दोंका उल्लेख किया गया । वहीं उप राष्ट्रपतिकी प्रवक्ता सबरीना सिंहने अपना वक्तव्य साझा करते हुए कहा की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस व उनका परिवार उच्च स्तरके नैतिक व्यवहारका प्रदर्शन करेगा तथा उपराष्ट्रपतिके नामका किसी भी व्यवसायिक गतिविधीमें प्रयोग करनेका अधिकार नहीं दिए जाएंगे । उल्लेखनीय है कि मीरा कुछ दिवस पूर्व ही सामाजिक जालस्थलपर एक छद्म समाचारको प्रसारित करती दिखाई दी थी जिसमें उसने कहा था कि २३ वर्षकी ‘लेबर राइट्स एक्टिविस्ट’ नवदीप कौरको पुलिसद्वारा बन्दी बनाया गया है तथा उनपर अत्याचार करते हुए उनका यौन शोषण भी हुआ है जो कि असत्य सिद्ध हुआ । मीनाने ग्रेटाके ‘टूल किट’का भी समर्थन किया था ।
          समाचारसे यह स्पष्ट होता है कि किस प्रकार अवसरवादी व्यक्तियोंद्वारा चर्चामें आने हेतु छ्द्म माध्यमोंका भी प्रयोग किया जाता है । प्रसिद्धि पाने हेतु ऐसे लोग किसी भी स्तरतक गिर सकते हैं; अत: ‘मीडिया’को भी ऐसे लोगोंको प्रोत्साहित करना टालना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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