दिसम्बर १९, २०१८
अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघके पदाधिकारियों व छात्रोंने कश्मीरमें मारे गए पत्थरबाजोंके समर्थन और सेनाद्वारा की गई कार्यवाहीके विरोधमें शान्ति यात्रा निकाली । इस मध्य उन्होंने मुखपर सांकेतिक पट्टियां भी बांधकर प्रदर्शन किया ।
छात्रसंघ पदाधिकारियोंने एसीएम द्वितीयको राष्ट्रपतिके नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें १५ दिसम्बरको कश्मीरमें सेनाद्वारा मारे गए ७ पत्थरबाजोंको निर्दोष बताया गया है । इस ज्ञापनमें कश्मीरमें मानवाधिकारोंके हननपर रोक लगानेकी मांग की गई है ।
नेताओंने कहा कि कश्मीरमें गत १५ दिसम्बरको सेनाद्वारा ७ निर्दोष कश्मीरियोंको मार दिया गया, जो मानव अधिकारोंका हनन है । यदि नागरिकोंमें आक्रोश ओर उबाल है तो हमको उन्हें रोकनेके लिए वाटर कैनन, आंसू गैस ओर पैलेटगनका उपयोग कर उनको रोकनेका प्रयास करना चाहिए, न कि नागरिकोंको सीधा गोली मारनी चाहिए ।
“राष्ट्रद्रोही कृत्यमें अग्रणी संस्थानके धर्मान्ध छात्रसंघके पदाधिकारियोंसे देशके समर्थनमें वक्तव्य सुननेकी आशा रखना व्यर्थ ही है, क्योंकि जो समूह आतंकियों व राष्ट्रद्रोहियोंको समर्थन देता हो, वह देशको कैसे समर्थन देगा ? और भारत ही सम्भवतः विश्वका एकमात्र देश होगा, जो आतंकियों व राष्ट्रद्रोहियोंको संरक्षण देता है ! और यह हमारे लिए लज्जाका विषय है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक भास्कर
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