‘दलित स्वभावसे ही भिखमंगे’, तृणमूल नेता सुजाता खानका वक्तव्य 


११ अप्रैल, २०२१
     बंगालमें चौथे चरणके मतदानसे पूर्व तृणमूल कांग्रेसकी नेता सुजाता मंडल खानने ‘दलितों’को लेकर आपत्तिजनक बातें की है । इसका चलचित्र भाजपा अनुसूचित मोर्चाने साझा किया है ।
     सुजाता खानने कहा कि भले ही ममता बनर्जीने अनुसूचित जातियोंके लिए बहुत कुछ किया हो; परन्तु  उनको न्यूनता बनी ही रहती है । खानने कहा, “एक कहावत है कि कुछ स्वभावसे भिखारी होते हैं, तो कुछ परिस्थितियोंके कारण । अनुसूचित जातिके लोग स्वभावसे भिखारी होते हैं ।”
     खानने ‘दलित’ समुदायको कृतघ्न बताते हुए कहा, “ममता बनर्जीने उनके लिए बहुत कुछ किया; परन्तु उन्होंने पैसेके लिए स्वयंको भाजपाके हाथों बेच दिया और अब वे हमपर अत्याचार कर रहे हैं ।”
     वर्तमानमें ‘सोशल मीडिया’में एक चलचित्र प्रसारित हुआ था, जिसमें ‘टीएमसी’ नेता सुजाता मंडल खान और उनके समर्थकोंपर गांववालोंके घरमें घुसकर उनके साथ मारपीटका आरोप लगाया गया था । ग्रामीणोंने यह भी आरोप लगाया था कि ‘टीएमसी’के कार्यकर्ताओंने एक ग्रामीणका हाथ तोड दिया । इसके पश्चात ग्रामीण भी बडी संख्यामें ‘टीएमसी’ नेताओंके विरुद्ध एकजुट हो गए और उन्होंने ‘टीएमसी’के सदस्योंको खदेड दिया । इसे कई ‘मीडिया पोर्टल्स’ने सुजाता खानपर भाजपा सदस्योंके आक्रमणके रूपमें प्रचारित किया था ।
     बंगालकी राजनीतिमें ‘टीएमसी’के नेता समाजद्रोही बनकर उनका शोषण कर रहे हैं । उनपर झूठा आरोप लगाकर उनका अपमान कर रहे हैं । ऐसे नेताओंको समाजद्वारा दण्ड मिलना ही चाहिए । जागरूक समाजको ऐसे देशद्रोहियोंको कभी भी अपना मत नहीं देना चाहिए और साथ ही हिन्दुओंको दलित व सवर्णमें विभाजित करनेका दण्ड भी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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