सितम्बर १०, २०१८
आस्था और अन्धविश्वासमें मानव किस प्रकार अन्धा हो जाता है कि उसे अपने प्राणोंकी भी कोई चिन्ता नहीं रह जाती है ! अन्धविश्वासके कारण मानव अपनी ही बलि चढाने से पीछे नहीं रहता ! एक ऐसा ही एक प्रकरण सामने आया है बाराबंकी से, जहां एक व्यक्तिने स्वयंकी बलि चढा दी । यह प्रकरण प्रान्तके सिरौली गौसपुर तहसीलके दरियाबाद थाना क्षेत्रके उंटवा पोस्टर खुजरी गांवका है । रविवार देर रात्रि गांवके एक युवकने अपना सिर काटकर देवी मांके चरणोंमें अपनी बलि चढा दी । युवक अपने मां-बापका एकमात्र सन्तान थी ।
सूचना मिलनेपर पुलिस और प्रशासन भी वहां पहुंचा । पुलिसने बताया कि यह घटना रविवार रात्रि लगभग दो बजे की है, जब उसने स्वयंकी बलि चढा दी ।
गांवके लोगोंका कहना है कि गत कुछ वर्षोसे वह पूर्ण रूपसे पूजा-पाठमें तल्लीन हो गया था । बलि चढनेकी सूचना जैसे ही पुलिसको मिली वह वहां पहुंची; लेकिन, पुलिसको ग्रामीणोंने शवकी जांच करनेके लिए उठानेसे मना कर दिया । ग्रामीणोंद्वारा शव उठाए जानेका समाचार मिलनेपर उप जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी वहां पहुंचे । परिजनों और ग्रामीणोंकी विनतीपर प्रशासनने बिना जांच कराए अंतिम संस्कारकी आज्ञा दे दी ।
लोगोंने बताया कि मृतक अनिरुद्धने लगभग एक वर्षसे अन्न त्याग कर रखा था । मृतक कई बार भण्डारे और कीर्तन-भजन कार्यक्रमका भी आयोजन कर चुका था । ग्रामीणोंके अनुसार वह स्वयंको दुर्गा मांका अनन्य भक्त मानता था । इसी कारण वह अपना पूरा समय पूजा-पाठमें लगाया करता था । शायद, यही कारण था कि उसने अपने आपको देवी मांके चरणोंमें समर्पित करनेकी ठानकर रात लगभग दो बजे अपना सिर धारदार शस्त्रसे काटकर बलि चढा दी ।
इस प्रकरणको लेकर पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तवका कहना है कि युवकने स्वयं बलि दी है ! देवी मन्दिरमें युवककी लाशके पाससे बांका मिला है । पूरे मन्दिरमें रक्त फैला हुआ था । पूछताछमें ज्ञात हुआ कि काफी दिवसोंसे युवक विचित्र व्यवहार कर रहा था ।
स्रोत : जी न्यूज
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