बाबरी मस्जिदके ‘मुद्दई’ इकबाल अंसारी सुरक्षा अल्प होनेपर बोले- मुझे मारनेका षडयन्त्र है !


जुलाई ९, २०१८

बाबरी मस्जिदके मुद्दई (दावेदार) इकबाल अंसारीकी सुरक्षा अल्प कर दी गई है । इससे पूर्व उनकी सुरक्षामें चार सुरक्षाकर्मी तैनात थे, जिसे एक कर दिया गया है । इससे क्रोधित अंसारीने कहा कि उन्हें मारनेका षडयन्त्र चल रहा है । उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसका उत्तरदायित्व उत्तरप्रदेशके योगी आदित्यनाथ शासन का होगा ! प्रशासनके व्यवहारसे क्रोधित इकबाल अंसारीने कहा, “‘बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमिका’ प्रकरण न्यायालयमें है और इसकी सुनवाई प्रतिदिन होनी है । इसे देखते हुए मैंने माननीय योगीजीकी प्रशंसा कर दी और यहां प्रशासनने हमारी सुरक्षा हटा दी ! पहले मेरी सुरक्षामें चार सुरक्षाकर्मी तैनात थे, फिर दो हुए और आज एकाएकसे उसे एक कर दिया गया ! मुझे इसको लेकर प्रशासनपर शंका है । मुझे संकट महसूस होता है; क्योंकि हमारे यहां बाहरके लोग आते-जाते रहते हैं । ऐसे में किसीका विश्वास नहीं कि कब कौन क्या कर दे ? मैं ‘मुद्दई’ हूं इसके पश्चात भी मुझे एक सुरक्षाकर्मीके आश्रय छोडा गया है । मैं इस प्रकरणको लेकर एक बार फिर से मुख्यमन्त्रीसे भेंट करूंगा ! जिला प्रशासनने शासनको कलंकित करने के लिए हमारी सुरक्षा हटाई है ।” इकबाल अंसारीने बताया कि उन्होंने इस प्रकरणपर पुलिस अधीक्षकसे चलभाषपर वार्ताकी थी, उन्होंने बताया कि मेरी सुरक्षामें एक सुरक्षाकर्मी तैनात है । अंसारीने कहा, “मैंने पुलिस अधीक्षकको बताया कि एक सुरक्षाकर्मी उच्चतम न्यायालयके निर्देशपर है । एक माननीय योगीजीके आदेशसे है; लेकिन एकाएक मेरी सुरक्षा कम कर दी गई है । मेरे साथ भेदभाव किया जा रहा है । मुझे मारनेका षडयन्त्र किया जा रहा है । मुझे केवल एक सुरक्षाकर्मीके आश्रयपर छोडा गया है ।”

इकबाल अंसारीके पिता हाशिम अंसारीके समयमें उनकी सुरक्षामें चार सुरक्षाकर्मी तैनात थे । उनके निधनके बाद इकबाल अंसारीकी सुरक्षामें भी कुछ दिनों तक तो ४ रक्षक तैनात थे; लेकिन, उसके पश्चात उनकी सुरक्षाको अल्प करते हुए १ सुरक्षाकर्मीतक सीमित कर दिया गया था । गत दिवस बाबरी मस्जिदके मुद्दई (दावेदार) इकबाल अंसारी उत्तरप्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथसे भेंटकर सुरक्षाकर्मियोंकी संख्याको बढानेकी मांगकी थी । इसके पश्चात प्रशासनने इकबाल अंसारी की सुरक्षा बढा दी थी । उनकी सुरक्षामें दो सुरक्षाकर्मियोंको लगाया गया था । फिर एकाएक एक सुरक्षाकर्मीको हटा लिया गया । इसके पश्चात इकबाल अंसारीने स्थानीय प्रशासनके विरुद्ध प्रतिक्रिया व्यक्त की । बता दें कि ‘राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद’की सुनवाई उच्चतम न्यायालयमें चल रही है । इस प्रकरणमें निर्णय आनेकी आशा है । ऐसे में इकबाल अंसारीकी सुरक्षा अल्प करनेसे वह क्रोधित हो गए ।

स्रोत : जनसत्ता



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