दिसम्बर १२, २०१८
भारतीय जनता पार्टीके (बीजेपी) सांसद सुब्रमण्यम स्वामीने भारतीय रिजर्व बैंकके (आरबीआई) नवीन प्रमुखपर गम्भीर आरोप लगाए हैं । उन्होंने कहा कि शशिकान्त दास भ्रष्टाचारमें लिप्त रहे हैं । मंगलवार, ११ दिसम्बर रात एएनआईसे हुई वार्तामें स्वामी बोले, “दासको आरबीआई गवर्नरके रूपमें नियुक्त करना अनुचित निर्णय है, क्योंकि वह पूर्व वित्त मन्त्री और कांग्रेसी नेता पी.चिदम्बरमके साथ भ्रष्टाचार सम्बन्धी गतिविधियोंमें लिप्त रहे हैं । यही नहीं, वह चिदम्बरमको न्यायालय प्रकरणमें बचानेका प्रयास कर चुके हैं । मुझे नहीं ज्ञात कि यह निर्णय क्यों लिया गया ? मैंने आरबीआई गवर्नरकी नियुक्तिपर अपने विरोधको लेकर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीको पत्र लिखा है ।”
केन्द्र शासन और आरबीआईके मध्य कई दिनोंसे जारी तनातनीके समाचारोंके मध्य सोमवार, १० दिसम्बरको एकाएक उर्जित पटेलने त्यागपत्र दे दिया था । अगले दिवस शासनने पूर्व नौकरशाह शशिकांत दासको आरबीआईका नूतन प्रमुख नियुक्त किया, जो कि १५वें वित्त आयोगके सदस्य भी हैं । आरबीआई प्रमुखके नाते उनका कार्यकाल तीन वर्षोंका रहेगा । दास १९८० बैचके तमिलनाडु कैडरके आईएएस अधिकारी हैं ।
आर्थिक प्रकरणके पूर्व सचिव दासने बुधवार, १२ दिसम्बरको आरबीआई प्रमुखका पदभार सम्भाला । वह उर्जित पटेलका स्थान लेंगे, जिन्होंने निजी कारणोंका सन्दर्भ देते हुए त्यागपत्र दे दिया था । पटेल वर्ष १९९० के पश्चात प्रथम ऐसे आरबीआई प्रमुख हैं, जिन्होंने कार्यकाल समाप्त होनेसे पूर्व ही आरबीआई प्रमुखका पद छोड दिया ।
दासने एक ट्वीट कर कहा, “भारतीय रिजर्व बैंकके गवर्नरका उत्तरदायित्व सम्भाला । आप सभीका शुभकामनाओंके लिए धन्यवाद ।” वहीं, वित्त मन्त्री अरुण जेटलीने उन्हें आरबीआईके शीर्ष पदके लिए ‘सही साख’ वाला व्यक्ति बताया । वह बोले, “दास एक बहुत वरिष्ठ और अनुभवी नौकरशाह रहे हैं । उनका पूरा जीवन लगभग देशके आर्थिक और वित्तीय प्रबन्धनमें गुजरा है । भले ही वह भारत सरकारके वित्त मन्त्रालयमें कार्यरत रहे हों या तमिलनाडुमें राज्य सरकारके साथ काम किया हो ।”
स्रोत : जनसत्ता
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