३० नवंबर, २०२०
उत्तर प्रदेशके बरेलीमें ताहिरके विरुद्ध ‘लव जिहाद’का प्रकरण प्रविष्ट कराया गया है । उसकी हिन्दू पत्नीने आरोप लगाया है कि ताहिरने अपना धर्म एवं नाम छुपाकर उसे धोखा दिया है । उसने अपना नाम कुणाल शर्मा रखकर, युवतीको अपनी जातिका बताया है । युवती किसी व्यक्तिगत संस्थामें चाकरी (नौकरी) करती थी, जहांपर ताहिरने उससे मिलना-जुलना आरम्भ कर दिया । उसने कई बार शारीरिक सम्बन्ध भी बनाए । अन्तमें उसे मन्दिर ले जाकर विवाह किया और मांग भी भरी । इस प्रकार वे साथ-साथ रहने लगे ।
ताहिरने अपना ‘फेसबुक’ भी कुणालके नामसे बना रखा था । गर्भवती होनेपर युवतीने ताहिरको विवाह कार्यालयमें पंजीकरणके लिए कहा; किन्तु वह टालता रहा; अन्ततः ताहिरके परिवारको बतानेपर, उसकी मां, भाई व परिवारके अन्य सदस्योंने युवतीसे मारपीट करते हुए, उसके गर्भपर लात मारकर, उसका गर्भ गिरा दिया गया । पुलिसको यह सब बतानेपर, उन्होंने युवतीको मार देनेकी धमकी भी दी ।
ताहिरने उसे कहा है, “मैंने तुमसे विवाह नहीं करना था, मेरा ‘मजहब’ कहता है कि हम ‘लव जिहाद’में विश्वास करते हैं, विवाहमें नहीं । एक हिन्दूको गर्भवती करनेसे हमें दस बार ‘मदीना’ जानेका पुण्य प्राप्त होता है ।”
बरेलीके ‘एसपी’ रविन्द्र सिंहने युवतीद्वारा परिवाद होनेपर, प्रकरण प्रविष्टकर ताहिरको बन्दी बना लिया है । रविन्द्र सिंहके अनुसार, यह प्रकरण ‘लव जिहाद’का नहीं बनता; क्योंकि यह २७ तिथिमें प्रविष्ट हुआ है । पुलिसने उसे अन्य साधारण धाराओंके अन्तर्गत दोषी माना है ।
इसे ‘लव जिहाद’ न मानकर, पुलिस स्वयं ऐसे दोषियोंको पुनः किसी हिन्दू लडकीका सर्वनाश करनेके लिए बढावा दे रही है । साधरण धाराओंके अन्तर्गत जिहादी स्वतन्त्र होकर पुनः दुष्कर्म करनेके अन्य पर्याय ढूंढते हैं । ऐसे जिहादियोंको मृत्युदण्ड ही मिलना चाहिए ! – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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