दो दिवससे लुप्त बहनोंको ‘दर्जी’ मास्टर जफरने बनाया था बन्धक, पटनासे बाहर भेजनेकी थी ‘तैयारी’


३१ दिसम्बर, २०२०
     पटनाके कंकडबाग थानाके चांदमारी मार्गसे २ बच्चियोंके अपहरणका प्रकरण सामने आया है । पुलिसने घटनामें एक ‘टेलर मास्टर’ जफरको बन्दी बनाया है । आरोप है कि उसने ही दोनों बच्चियोंको अपनी आपणिपर (दुकानपर) बन्धक बना लिया था । उनके विरोध करनेपर आरोपी जफर उनके हाथ-पांव बांधकर उन्हें निर्दयतासे पीटता और चिल्लानेपर दाेनाेंकाे बार-बार ठण्डे जलसे नहला देता था ।
     ‘मीडिया रिपोर्ट’के अनुसार, कंकडबागकी रहनेवाली दो बच्चियां सोमवार, २८ दिसम्बरकी संध्याको ‘टीपीएस कॉलेज’के पाससे लुप्त हो गई थीं, इसके पश्चात इनके परिवारवाले इन्हें ढूंढ रहे थे । इसी मध्य सडकपर आने जानेवाले लोगोंको एक ‘टेलर’की दुकानसे कुछ स्वर सुनाई दिए, जिसके पश्चात स्थानीय लोगोंने ‘दुकान’ खोली तो उसमेंसे दोनों बच्चियोंको प्राप्त किया गया ।
     बच्चियोंकी ऐसी स्थिति देख आक्रोशित लोगोंने ‘दुकानदार’ जफरकी जमकर पिटाई कर दी । वहीं ठण्डसे ठिठुरती एक बच्चीकी स्थिति अत्यन्त दयनीय लग रही थी । उसे बार-बार उल्टी हाे रही है, लोगोंसे त्वरित आग जलाकर उन्हें स्वस्थ करनेका प्रयास किया । इसके उपरान्त भी उसका स्वास्थ्य गम्भीर होता जा रहा था । जिसे अच्छे उपचारके लिए चिकित्सालय भेज दिया गया है । इधर, स्थानीय लोगोंकी सूचनापर कंकबाग पुलिस घटनास्थलपर पहुंची और आरोपीको पकडकरके थाना ले गई । पुलिस जफरसे पूछताछ करनेमें जुटी है । जफर चांदमारी ‘राेड’का रहनेवाला है ।
     घटनाके सम्बन्धमें बालिकाने बताया, “दाेनाें कुछ सामग्री क्रय करनेके लिए चांदमारी ‘राेड’ आई थीं । इसी मध्य ‘टेलर’ने उन्हें बुलाया और कहा कि आवश्यक कार्य है । दाेनाें उसके पास गईं तो उसके पश्चात उसने ‘शटर’ बन्द कर दिया । थोडे-थोडे अन्तरालमें ‘टेलर’ बाहर निकलता; परन्तु ‘शटर’काे बाहरसे बन्द कर देता था । हम दाेनाेंके हाथ-पांव बंधे थे । टेलर जफर बार-बार हमें ठण्डे पानीसे नहला रहा था ।” बच्चियोंने बताया कि उन्हें भोजन भी नहीं दिया गया ।
     वहीं घटनाके पश्चात लोगोंका मानना है कि यह मानव तस्करीका प्रकरण है; क्योंकि बच्चियोंके वक्तव्यके अनुसार, जफरने उनका शारीरिक शोषण नहीं किया; परन्तु उसकी उन्हें कहीं बाहर भेजनेकी योजना थी । पुलिस उससे पूछताछ करने में जुटी है । इसके अतिरिक्त उसके चलभाषकी भी जांच की जा रही है ।
     समस्त विश्वमें मुसलमान सम्प्रदाय स्त्रियों, युवतियोंको भोग व वासनाकी दृष्टिसे देखते हैं । भारतमें न जाने ऐसे कितने जफर होंगे, जो अपहरण और बलात्कारकी घटनाएं करते हैं या बच्चियोंको बाहर इस्लामिक देशमें भेज देते हैं । क्या ऐसे आतङ्की इस देशमें रहने योग्य हैं ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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