दिसम्बर ३, २०१८
तमिलनाडुका शिक्षा विभाग आजकल अपने निर्णयके कारण चर्चामें है । विभागने समूचे तमिलनाडुमें विद्यालयोंमें लडकियोंके पैरोंमें पायल पहनने और बालोंमें फूल लगानेपर प्रतिबन्ध लगानेका निर्णय किया है ! विभागका मानना है कि इससे लडकोंका ध्यान भटकता है । इस सम्बन्धमें तमिलनाडुके कई समाचार पत्रोंमें समाचार प्रकाशित किए गए ।
यह वक्तव्य तमिलनाडु विद्यालय शिक्षा मन्त्रीद्वारा माध्यमिक विद्यालयके छात्रोंको निशुल्क साइकिल वितरणके समय दिया है ।
उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि जब पायल पहनी जातघ है तो उसके घुंघरुओंकी ध्वनिसे लडकोंका ध्यान भटक जाता है और उनकी शिक्षामें व्यवधान उत्पन्न होता है । यद्यपि कौई लडकी यदि बालोंमें पुष्प लडाती है तो उससे कोई आपत्ति नहीं है ।
यद्यपि शिक्षा विभागने आधिकारी रूपसे कोई वक्तव्य जारी नहीं किया है, किन्तु विभागने ऐसे निर्देश केवल लडकियोंके लिए जारी किए हैं, अभी तक लडकोंके लिए किसीप्रकारके निर्देश नहीं दिए हैं जैसे बालोंका स्टाइल रखना, कमीजका खोलना या बन्द करना, दाढी रखना आदि ।
“पायल और बालोंमें पुष्प (गजरा) सात्विकताके द्योतक हैं, जो स्त्रीका रक्षण करते हैं, शास्त्र भी कहता है कि जहां नारीकी पूजा होती है, वहां देवता रमण करते हैं; अतः पुरूषोंको धर्मका ज्ञान देकर उनमें सात्विकता निर्माण करनेकी आवश्यकता है न कि पायजेब आदिपर प्रतिबन्ध लगानेकी !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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