अगस्त ८, २०१८
केन्द्र शासन ‘टेलीग्राम मैसेंजर ऐप’पर प्रतिबन्ध लगानेकी तैयारी कर रही है । सुरक्षा विभागने इस विनियोगके (ऐपके) अवैध गतिविधियोंमें प्रयोग होनेके सम्बन्धमें शासनको चेताया है । कडे कूटलेखनके (इंक्रिप्शनके) कारण इस सन्देश वाहकपर (मैसेंजरटर) होने वाली वार्ताको सुरक्षा विभागको निगरानी करनेमें परेशानी आ रही है । इसके चलते रूस और ईरान ‘टेलीग्राम’ विनियोगपर पहले पाबन्दी लगा चुके हैं !
‘टेलीग्राम’ नामका विनियोग लगभग ‘व्हाट्सऐप’के समान है, जिसके द्वारा दो व्यक्ति सन्देशोंकेद्वारा वार्ता कर सकते हैं । इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मन्त्रालय देशके विभिन्न भागोंमें हिंसाके प्रकरणमें ‘व्हाट्सऐप’को दो अधिसूचना भेज चुका है, जिनका उत्तर ‘व्हाट्सऐप’ प्रशासनकी ओर से दिया गया है ।
वह अनुचित सन्देशोंकी निगरानीके लिए शासनकी पूरी सहायता करनेको सज्ज है । सूचना एवं प्रौद्योगिकी मन्त्रालयके सूत्रोंके अनुसार ‘टेलीग्राम’के प्रकरणमें भी शासन अधिसूचना भेजकर चेतावनी देना चाहती थी; लेकिन सुरक्षा विभागकी ओरसे अवैध गतिविधियों और दो देशोंमें इस विनियोगपर प्रतिबन्ध लगाए जानेका सन्दर्भ दिया गया ।
सूत्र बताते हैं कि विभागकी मांगपर शासन ‘टेलीग्राम’पर पूर्ण रूपसे प्रतिबन्ध लगानेकी दिशामें कार्यरत है । विभागको अवैध गतिविधियोंसे सम्बन्धित कुछ सूचना मिली हैं, जिन्हें आधार बनाकर इसके विरूद्ध प्रतिबन्धकी कार्यवाही की जाएगी !
दूरसंचार विभागने गत वर्तमानमें दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, उद्योग संगठनों सहित अन्य से तीन चलभाष विनियोगपर (मोबाइल ऐपपर) प्रतिबन्ध लगाए जानेके सम्बन्धमें परामर्श मांगा था । इनमें ‘टेलीग्राम’ भी सम्मिलित था । शासनके सूत्र बताते हैं कि तकनीकी रूपसे सूचना एवं प्रौद्योगिकी मन्त्रालय इस पर प्रतिबन्ध लगानेमें सक्षम है, परन्तु कुछ वैधानिक रूकावट हैं, जिनपर विमर्श चल रहा है ।
इसमें नागरिक अधिकार, ‘आईटी एक्ट’ सहित अन्य वैधानिक बातोंपर विचार किया जा रहा है । ‘आईटी’ विशेषज्ञ रामानुजके अनुसार सुरक्षा कारणोंका सन्दर्भ देकर शासन इसपर प्रतिबन्ध लगानेमें सक्षम है; लेकिन प्रकरण न्यायालय पहुंचनेपर उसे प्रथम दृष्टया ऐसे साक्ष्य पेश करने होंगे, ताकि उठाए गए पगपर कोई प्रश्न नहीं कर सके ।
‘टेलीग्राम’की विशेष बात ये है कि यह किसी भी ‘सर्वर’का प्रयोग नहीं करता है । इंक्रिप्शन (दो लोगोंके मध्य सन्देशोंमें बाहरी प्रवेश नहीं) भी काफी कडा है, जिसे तोडकर प्रतिदिन निगरानी करना भी जटिल है । ऐसेमें सुरक्षा विभागद्वारा जताई गई अवैध गतिविधियोंकी आशंकापर शासन आगे बढ रहा है ।
स्रोत : अमर उजाला
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