उत्तर प्रदेशमें ‘टेरर फंडिंग’ और रोहिंग्याओंके शोधमें ‘एटीएस’की ‘छापेमारी’, अब्दुल मन्नान सहित आधा ‘दर्जन’से अधिक सन्दिग्ध बनाए बन्दी 


०७ जनवरी, २०२१
            उत्तर प्रदेशमें ‘यूपी एटीएस’ने ‘टेरर फंडिंग’ और रोहिंग्या निवासियोंके शोधमें एक बडी कार्यवाही करते हुए सन्त कबीर नगर स्थित खलीलाबाद, बस्ती और अलीगढके अनेक जनपदोंमें छापेमारीकर अब्दुल मन्नान व लगभग आधा दर्जनसे अधिक सन्दिग्ध बन्दी बनाए हैं ।
    उन्होंने इस छापेमारीको स्थानीय पुलिससे भी गुप्त रखा था । ‘एनबीटी’के अनुसार, यह छापेमारी अवैध रूपसे भारतमें निवास कररहे रोहिंग्याओं तथा आतङ्कियोंको प्राप्त वित्तीय सहायताके सम्बन्धमें की गई है । ‘यूपी एटीएस’का एक गुट महाराष्ट्र तथा तेलंगानाके भाग्यनगरमें (हैदराबादमें) भी ऐसी कार्यवाही कर रहा है ।
         २९ दिसम्बरको ‘एटीएस’ने गोरखपुरके बलदेव प्लाजा स्थित नईम एण्ड संसकी भ्रमणभाष आपणि (दुकान) सहित इसी ‘फर्म’की अन्य दो आपणिपर भी छापा मारा था । यहां लगे सङ्गणककी ‘हार्ड डिस्क’ तथा अन्य सम्बन्धित उपकरण हस्तगत किए थे ।
         उल्लेखनीय है कि इन्होंने दो सन्दिग्ध बांग्लादेशी  आतङ्कवादियों, इकबाल और फारुखको सहारनपुरसे बन्दी बनाया था । इनके पाससे छद्म आधार ‘कार्ड’ तथा ‘वोटर आईडी’ प्राप्त हुए थे ।
        उत्तर प्रदेश ‘एटीएस’की यह कार्यवाही प्रशंसनीय है । इससे अवैध विदेशी निवासी तथा उनकी आतङ्कवादी गतिविधियोंको थामना सम्भव होगा; परन्तु आतङ्कनिरोधी दलकी शासकगण सुनेंगे क्या ?; क्योंकि जबतक शासकगण वास्तवमें गम्भीर नहीं होंगे, तबतक यह होना असम्भव ही प्रतीत होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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