जनवरी ३०, २०१९
उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथद्वारा मंगलवार, २९ जनवरीको समूचे मन्त्रिमण्डलके साथ संगममें डुबकी लगानेपर कांग्रेस नेता शशि थरूरने टिप्पणी की । योगीकेसाथ अखाडा परिषदके अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और अन्य साधु-सन्तोंने भी डुबकी लगाई । संगममें स्नानका चित्र उत्तर प्रदेश प्रशासनने ‘ट्विटर’पर साझा किया, जिसमें मुख्यमन्त्री मन्त्रिमण्डलके साथ नहाते हुए दिख रहे हैं; परन्तु कांग्रेसके वरिष्ठ नेता शशि थरूरने इसपर अपमानित लेख लिखा । थरूरने ‘ट्वीट’ किया था, “गंगा भी स्वच्छ रखनी है और पाप भी यहीं धोने हैं ! इस संगममें सब नंगे हैं ! जय गंगा मैया की !” इसपर उपभोक्ताओंने कहा कि जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी डुबकी लगाएंगे, तब यह लिखना । लोगोंनै लिखा कि आप कैसे गंगाका महत्व समझेंगे ? साथ ही कईने थरूरको स्मरण करवाया कि कब-कब कांग्रेसी नेताओंने गंगामें डुबकी लगाकर अपने पाप धोए ?
एकने लिखा कि समाचार है कि राहुल गांधी भी संगममें स्नानको आने वाले हैं । उनके आनेपर भी यह लिखना । किसीने लिखा कि यह प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और योगीके कारण है कि आपको भी संगम स्नानका पता चला, अन्यथा कांग्रेसियोंने तो कभी इस ओर ध्यान ही नहीं दिया !
वहीं किसीने लिखा कि आप भी सम्भवतः गए थे एक बार गंगामें अपने पाप धोने; परन्तु आपके पाप इतने अधिक है कि गंगा स्नानके लिए पुनः जन्म लेना पडेगा ।
“संगम समूचे हिन्दू धर्मकी आस्थाका केन्द्र है और उसके लिए ऐसे अपमानित शब्दोंका प्रयोग असहनीय है । हिन्दू धर्ममें घरमें भी लोग नग्न स्नान नहीं करते हैं; परन्तु निधर्मी थरूरने निस्सन्देह संकेतोंमें व अल्प शब्दोंमें अपनी बात कहनेका प्रयास किया है; परन्तु यह कहकर देव नदी गंगा, साधु सन्यासियोंको भी अपशब्द कहे हैं, जो हिन्दू धर्मपर आघात है ! यदि कांग्रेसको हिन्दुओंके आस्थाकेन्द्रोंसे इतनी ही घृणा है तो क्यों राहुल गांधी जनेऊ धारण करनेका पाखण्ड करते हैं, क्यों प्रियंका गांधी राजनीतिका आरम्भ संगमसे करनेवाली है । भारत शासन थरूरपर कार्यवाही करे व सभी धर्मप्रेमी निधर्मी थरूरके इस घृणित वक्तव्यका मुखर होकर विरोध करें ! हिन्दुओ ! निधर्मियोंका यह दुस्साहस आप सबके मौनका ही परिणाम है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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