‘द कश्मीर फाइल्स’ चलचित्रकी (फिल्मकी) ‘रिलीज’पर रोक लगानेकी याचिकाको मुंबई उच्च न्यायालयने किया निरस्त
८ मार्च, २०२२
विवेक अग्निहोत्रीके चलचित्र ‘द कश्मीर फाइल्स’की ‘रिलीज’को लेकर मुंबई उच्च न्यायालयका आज निर्णय आया है । न्यायालयमें एक प्रचलित याचिकामें चलचित्रके ‘रिलीज’को रोकनेकी प्रार्थना पत्र दिया गया था । यह याचिका उत्तरप्रदेशके निवासी इंतेजार हुसैन सैयदने प्रविष्ट की थी । इसको लेकर मंगलवारको न्यायालयमें सुनवाई हुई । न्यायालयने इस याचिकाको निरस्त कर दिया और चलचित्रको ‘रिलीज’ करनेकी अनुमति दे दी ।
‘लॉ बीट’ रिपोर्टके अनुसार, “उत्तर प्रदेशके रहनेवाले इंतजार हुसैन सईद नामके एक व्यक्तिने न्यायालयमें ‘पीआईएल’ प्रविष्ट की है । जिसमें उसने विवेक अग्निहोत्रीद्वारा निर्देशित ‘द कश्मीर फाइल्स’की ‘रिलीज’को रोकनेकी मांग की है । हुसैनने बॉम्बे उच्च न्यायालयमें कहा कि इस चलचित्रके ‘ट्रेलर’से मुसलमान समुदायकी धार्मिक भावनाओंको ठेस पहुंचती है । इसके भडकाऊ दृश्य साम्प्रदायिक हिंसाका कारण बन सकते हैं ।”
जनहित याचिकामें कहा गया है, “#TheKashmirFilesTrailer में ‘मुसलमानों जागो, ‘काफिरों’ भागों’ शब्द भीतपर लिखा हुआ देखा जा सकता है, जो हिन्दुओं और मुसलमानोंके मध्य साम्प्रदायिक असन्तुलन उत्पन्न करनेकी क्षमताके साथ चलचित्रके ‘नैरेटिव’को आगे बढाता है ।
उच्च न्यायालयका यह निर्णय वन्दनीय है । सत्यको दबाया जा सकता है; किन्तु मिटाया नहीं सकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
Leave a Reply