उच्चतम न्यायालयका ममताको झटका, जांच विभागके समक्ष प्रस्तुत हों आयुक्त !!


जनवरी ५, २०१९


केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो और कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमारके प्रकरणमें ममता बनर्जीको मंगलवार, ५ फरवरीको बडा झटका लगा है । मुख्य न्यायाधीशने कहा कि पुलिस कमिश्नर सीबीआईके सामने प्रस्तुत हों । यद्यपि, उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें बन्दी न बनाया जाए या उनके विरुद्घ कोई कार्यवाही न हो ।

इसपर पश्चिम बंगलाकी मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीने कहा कि जनतासे बडा कोई ‘बिग बॉस’ नहीं है ! मैं राजीव कुमारके लिए नहीं, वरन पूरे देशके लिए लड रही हूं । अवमाननाकी याचिकाको न्यायालयने स्वीकार नहीं किया । उन्होंने कहा कि राजीव कुमारने सीबीआईको ५ पत्र लिखे थे । राजीवने कभी जांचके लिए मना नहीं किया । ये विजय देश, संविधान और समाचार माध्यमोंकी है ।

सीबीआईने आरोप लगाया है कि शारदा चिटफंडके प्रकरणमें उसे कोलकाताके पुलिस आयुक्त राजीव कुमारके विरुद्घ ठोस साक्ष्य मिले है; परन्तु वह जांचमें सहयोग नहीं कर रहे हैं और समनकी अनदेखी कर रहे हैं ।

सीबीआईने कहा कि मुख्यमन्त्री राज्यके डीजीपी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जैसे मुख्य अधिकारियोंके साथ कोलकातामें रविवारकी रात्रि १० बजेसे बैठी हैं ! शासकीय कर्मियोंका ऐसा व्यवहार कोलकाता एवं पश्चिम बंगालमें अराजकताकी ओर संकेत करता है । जांच विभागने कुमारके आवासपर पहुंचनेके अपने पगको उचित बताते हुए कहा कि बिना अनुमतिपत्रके (वॉरंटके) बन्दी बनानेके लिए उसके पास ठोस साक्ष्य हैं और पुलिस आयुक्त देशके विधानका पालन करनेके लिए बाध्य हैं ।

 

“ममता बैनर्जी देशका नाम लेकर अपने नामकी अराजकता कर रही हैं । इस देशने सम्भवतः यह प्रथम और अन्तिम अराजक मुख्यमन्त्री देखा होगा । मुख्यमन्त्री एक अभियुक्तको बचानेका प्रयास कर रही हैं । यदि यह अपराध सिद्ध होता है तो क्या मुख्यमन्त्री समान दण्डकी अधिकारी नहीं है ? ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : इण्डिया



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