नोएडामें जिहादी, श्रमिक बनकर चलाते थे शस्त्रास्त्रोंकी (हथियारोंकी) यन्त्रशाला
०४ जुलाई, २०२१
नोएडा ‘पुलिस’की ‘क्राइम ब्रांच’ और गौतमबुद्ध नगर जनपदके बिसरख ‘थाना पुलिस’ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए ३ जुलाई २०२१, शनिवारको अवैध अस्त्र-शस्त्र उद्योगका रहस्योद्घाटन किया । पुलिसने इस घटनामें गाजियाबादके ‘केला भट्टा’में रहनेवाले तीन भाइयों आफताब, शकील और सगीरको बन्दी बनाया है । इनके वाहनसे १० ‘पिस्टल’ और भारी मात्रामें अवैध शस्त्र बनानेमें उपयोग होनेवाले उपकरणोंके अतिरिक्त कई अर्द्धनिर्मित अस्त्र प्राप्त हुए हैं । आरोपी अबतक ५०० ‘पिस्टल’ विक्रय कर चुके हैं । ऐसेमें शंका व्यक्त की जा रही है कि ये सभी ‘एनसीआर’ व ’पश्चिम यूपी’के बडे समूह व उनसे जुडे अपराधियोंको ‘पिस्टल’ विक्रय करते होंगे, जो इनकी ‘पिस्टलों’से कई घटनाको अन्तिम रूप दे चुके होंगे ।
उन्होंने बताया कि वे ‘पिस्टल’ बनानेके लिए सामग्री देहली निवासी हाशिमसे लेते थे; यद्यपि ‘पिस्टल’को बनाकर वह मेरठ निवासी रहीसको विक्रय करते थे । पुलिसने कहा कि तीनों भाई ‘लोहा’ और आभूषणोंको बनानेका (तराशनेका) कार्य अच्छेसे जानते थे । इनमेंसे सगीर ‘सबमर्सिबल पम्प’ लगानेका कार्य जानता था, जो ‘पिस्टल’ बनानेमें दक्ष भी है ।
ये जिहादी समाजको दिखानेके लिए विभिन्न प्रकारके कार्योंमें संलग्न रहते है; परन्तु इनका वास्तविक लक्ष्य आतङ्कका प्रसार करना है; इसलिए इनका अभिज्ञान कर पाना सहज नहीं होता है । हिन्दुओ, ऐसे ही यह नाम एवं वेषभूषा परिवर्तितकर लव-जिहाद, धर्मान्तरण और आतङ्क, जो इनका मूल उद्देश्य है, उसका प्रसार कर रहे हैं । जिहादियोंपर किसी भी परिस्थितिमें विश्वास करना अपने हाथों अपने जीवनको नष्ट करने समान है । प्रशासन और ‘पुलिस’ अपना कार्य कर रहे हैं, हमें भी अपना कार्य करना है और वह है ऐसे जिहादियोंसे सतर्क हो, अपने धर्मकी रक्षा हेतु तत्पर रहना । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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