देवालयोंकी विडम्बना, तिरुपति मन्दिरसे अनमोल रत्न जडे ३ स्वर्ण मुकुटकी चोरी !!


जनवरी ३, २०१९


तिरुपतिके श्री गोविंदराज स्वामी मन्दिरसे तीन स्वर्ण मुकुट चोरी हो जानेका समाचार सामने आया है । तीनों मुकुट लगभग १.३ किलोग्रामके थे । ‘एनडीटीवी’के समाचारके अनुसार ‘तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी)’के सुरक्षा अधिकारीने बताया कि इस प्राचीन मंदिरमें भगवान वेंकेटेश्वर, श्रीलक्ष्मी और श्रीपद्मावतीकी प्रतिमाओंपर ये मुकुट सुशोभित थे । मन्दिरके अधीक्षक श्री ज्ञान प्रकाशद्वारा पुलिसमें की गई परिवादके अनुसार जिस मन्दिरमें चोरी हुई है, वह १२वीं शताब्दीका है !

मन्दिर प्रबन्धकोंको सन्देह है कि चोरी सन्ध्यामें प्रसाद वितरणके समय हुई होगी । प्रसाद वितरणके समय ५ से ५.४५ के मध्य मन्दिरको बंद कर दिया जाता है । जब मन्दिरके पुजारी हरिकृष्ण दीक्षितुलुने पुजारी विजयसारादिसे संध्याका उत्तरदायित्व सम्भाला तो उन्होंने देखा कि मुकुट नहीं थे ! उन्होंने तब ‘तिरुमला तिरुपति देवस्वोम, ओवरसीइंग अथॉरिटी’को इस बारेमें सूचित किया और रविवार, ३ फरवरी प्रातःकाल पुलिसमें उपालम्ब (शिकायत) प्रविष्ट कराई गई । प्राप्त सूचनाके अनुसार उप-मन्दिर देवताओंके मुकुट, मलयप्पाके मुकुटका भार ५२८ ग्राम, श्रीदेवीके मुकुटका भार ४०८ ग्राम और भोदेवीके मुकुटका भार ४१५ ग्राम है ।

अपराधियोंका अभिज्ञान करनेके लिए मन्दिर परिसरके कैमराको देखा जा रहा है । पुलिसका कहना है कि उसने प्रकरण प्रविष्ट किया है; परन्तु अबतक इसमें कोई बन्दी नहीं बनाया गया है ।

 

“यह है हिन्दू देवालयोंके प्रति शासनकी गम्भीरता ! मन्दिरके गर्भगृहसे कोई स्वर्ण मुकुट चोरी कर लेता है और किसीको इसका ज्ञान नहीं होता, यह विचीत्र है । आन्ध्रप्रदेश शासन देवालयोंसे कोष लेनेके लिए सिद्ध रहता है; परन्तु उन देवालयोंकी सुरक्षा नहीं कर सकता है !! जब सुरक्षा ही नहीं दे सकते हैं तो देवालयोंके शासकीयकरणका कोई अर्थ है क्या ? और इस प्रकरणमें ‘टीटीडी’ अधिकारियोंपर कार्यवाही होनी चाहिए; क्योंकि समस्त देखरेखका भार उन्हींपर है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : फर्स्ट पोस्ट



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