मध्य प्रदेशके इंदौर, बडवानी और शाजापुरमें उजागर हुए ’लव जिहाद’के प्रकरण


२१ अगस्त, २०२१
 
    मध्य प्रदेशके इंदौर, बडवानी और शाजापुरमें विगत दिवसोंमें ‘लव जिहाद’ अनुसार तीनों जनपदमें मुसलमान युवकोंने छद्म हिन्दू नाम रखकर हिन्दू लडकियोंको फंसाया। इंदौरके जिहादी फैजान छद्म हिन्दू कबीरने तो न केवल हिन्दू महिलाके साथ दुष्कर्म किया; यद्यपि विवाह पश्चात पुत्र होनेपर निजी चलचित्र ‘सोशल मीडिया’पर प्रसारित करनेकी धमकी देते हुए उसपर ‘इस्लामी’ धर्मान्तरणका दबाव भी बनाया।
        पीडिता महिलाकी परिवादपर आरोपी फैजानके विरुद्ध दुष्कर्म, धमकाने और धार्मिक स्वतन्त्रता अधिनियमके अन्तर्गत फैजानको बन्दी बना लिया गया।
             मध्य प्रदेशके बडवानी जनपदमें मुसलमान अकीब छद्म हिन्दू अमन सोलंकी बनकर महिलाको अपने षड्यन्त्रमें फंसा लिया; किन्तु जब महिलाको आरोपी अकीबकी वास्तविकता ज्ञात हुई, तो उसने महिलाको धमकाना आरम्भ कर दिया। इससे व्यथित महिलाने बडवानी कोतवालीमें परिवाद प्रविष्ट कराया, तो आरोपी अकीबके विरुद्ध ‘आईपीसी’ धारा ३७६, ‘एससी’/’एसटी’ ‘एक्ट’ और धार्मिक स्वतन्त्रता अधिनियमके अन्तर्गत परिवाद प्रविष्ट किया गया है।
तृतीय प्रकरणमें मध्य प्रदेशके ही शाजापुर जनपदके शुजालपुरसे जिहादी शोएब आलमने आर्यन ठाकुर बनकर ‘फेसबुक’ माध्यमसे १६ वर्षीय हिन्दू लडकीको अपने सम्पर्कमें लेकर मिलनेके लिए लडकीकी भाभी सहित देहली बुला लिया ।
      परिजनकी परिवादपर ‘पुलिस’ने सभी तथ्योंको जांचते हुए उसके आधारपर गुजरातके अहमदाबादमें आर्यन बने जिहादी शोएब आलम, मोइन खां और पीडितकी भाभीके विरुद्ध धार्मिक स्वतन्त्रता अधिनियमके अन्तर्गत परिवाद प्रविष्ट करते हुए तीनोंको न्यायालयसे कारावास भेज दिया गया है ।
      मध्यप्रदेशमें ‘लव जिहाद’ विरुद्ध विधान पारित होनेपर भी, जिहादियोंमें इसका तनिक भी भय न होना राज्य प्रशासन और पुलिस प्रशासनद्वारा उत्तरदायित्वका पालन न करनेका ही परिणाम हैं ‌। दूसरी ओर हिन्दू लडकियोंको अपने माता-पितासे उचित संस्कार मिले होते तो आज यह दिन न देखना पडता । ऐसा प्रतीत होता है कि अब तो यह सब आनेवाले हिन्दू राष्ट्रमें ही ठीक होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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