तृणमूल कांग्रेसकी सांसद महुआ मोइत्राने हिन्दू नववर्षकी शुभकामनाएं देनेको बताया धार्मिक कट्टरता


१५ अप्रैल, २०२१
      तृणमूल कांग्रेसकी सांसद महुआ मोइत्राको धर्मनिरपेक्षताका ऐसा ज्वर चढा है कि उन्हें अब हिन्दू नववर्षकी शुभकामनाएं भी कट्टरता लगने लगी हैं ।
      चैत्र नवरात्रका प्रथम दिवस, जो इस वर्ष १२ अप्रैल २०२१ को था, यहांसे हमारे विक्रम संवत २०७८ का आरम्भ हुआ है । गुजरातके हिन्दू दीपावलीके दूसरे दिनको नववर्षके रूपमें मनाते हैं । भारतके विभिन्न समुदायोंमें इसमें भिन्नता होती है । बंगाल, असम, त्रिपुरामें नववर्ष वैशाखसे आरम्भ होता है ।
        भाजपाने हिन्दुओंको नववर्षकी शुभकामनाएं दीं । इससे तृणमूल कांग्रेसकी सांसद महुआ मोइत्रा व्यथित हो गईं । उन्होंने त्वरित कहा कि बंगालमें नववर्ष पोइला बैसाखसे प्रारम्भ होता है, चैत्रसे नहीं । वे इतनेपर नहीं रुकीं । उन्होंने इसे धार्मिक कट्टरता बता दिया ।  लोगोंने इसे उनकी हिन्दुत्वके प्रति अज्ञानता बताया ।
    यह महिला सांसद उसी तृणमूल कांग्रेसकी नेत्री हैं, जिनके गत १० वर्षीय कार्यकालमें हिन्दुओंपर बंगालमें अनेक अत्याचार हुए हैं । सरस्वती पूजन, दुर्गाजीकी झांकियोंके विसर्जनपर प्रतिबन्ध प्रति वर्ष लगता रहा । ममताके शासनमें मस्जिदके इमामोंका शासनने वेतनतक निर्धारित किया । बंगालके अनेक मुसलमान बहुल क्षेत्रोंमें अनेक बार हिन्दुओंपर अत्याचार हुए तो ममता शासनने नेत्र बन्दकर उन्हें उनकी स्थितिपर छोड दिया । ऐसे पक्षकी महिला हिन्दू सांसदका हिन्दू नववर्षकी शुभकामनाओंको धार्मिक कट्टरता कह रही हैं, उन्हें लज्जा आनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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