तुलसीके औषधीय गुण (भाग – १)


भारतीय संस्कृतिमें तुलसीके पौधेका बहुत महत्व है और इस पौधेको बहुत पवित्र माना जाता है। तुलसी केवल हमारी आस्थाका प्रतीक भर नहीं है। इस पौधेमें पाए जाने वाले औषधीय गुणोंके कारण आयुर्वेदमें भी तुलसीको महत्वपूर्ण माना गया है। भारतमें सदियोंसे तुलसीका इस्तेमाल होता चला आ रहा है।

  • लिवर (यकृत) संबंधी समस्या : तुलसी की १०-१२  पत्तियोंको धोकर प्रतिदिन प्रातः खाएं। यकृतकी समस्याओंमें लाभप्रद होता है।
  • पेटकी वेदनाको दूर करने हेतु : एक चम्मच तुलसीकी पिसी हुई पत्तियोंको जलके साथ मिलाकर गाढा लेप बना लें। पेटकी वेदना होनेपर इस लेपको नाभि और पेटके आस-पास लगानेसे लाभ  मिलता है।
  • पाचन संबंधी समस्या : पाचन संबंधी समस्याओं जैसे दस्त लगना, पेटमें वायु बनना आदि होनेपर एक ग्लास जलमें १० -१५ तुलसीकी पत्तियां डालकर उबालें और काढा बना लें। इसमें चुटकी भर सेंधा नमक डालकर पीएं।
  • ज्वरमें लाभप्रद : दो प्याली जलमें एक चम्मच तुलसीकी पत्तियोंका पाउडर और एक चम्मच इलायची पाउडर मिलाकर उबालें और काढा बना लें। दिनमें दो से तीन बार यह काढा पीएं। स्वादके लिए चाहें तो इसमें दूध और चीनी भी मिला सकते हैं।
  • शीत्प्रकोप एवं कफमें लाभप्रद (खांसी-जुकाममें लाभप्रद) : प्राय: सभी कफ सीरपको बनानेमें तुलसीका उपयोग किया जाता है। तुलसीकी पत्तियां कफ स्वच्छ करनेमें मदद करती हैं। तुलसीकी कोमल पत्तियोंको थोडी- थोडी देरपर अदरकके साथ चबानेसे शीतप्रकोपमें लाभप्रद  है। चायकी पत्तियोंको उबालकर पीनेसे गलेकी खराश दूर हो जाती है। इस जलको आप गरारा करने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं।
  • सर्दीसे बचाव : बारिश या ठंडके मौसममें सर्दीसे बचावके लिए तुलसीकी लगभग १०-१२ पत्तियोंको एक कप दूधमें उबालकर पीएं। सर्दीकी औषधिके साथ-साथ यह एक पोषक पेयके रूपमें भी कार्य करता है। शीतप्रकोप  होनेपर तुलसीकी पत्तियोंको चाय समान उबालकर पीने से लाभ मिलता  है। तुलसीका अर्क तेज ज्वरको कम करनेमें भी उपयोगी सिद्ध होता है।
  • श्वासकी समस्या : श्वास संबंधी समस्याओंका उपचार करनेमें तुलसी अत्यधिक उपयोगी सिद्ध  होती है। शहद, अदरक और तुलसीको मिलाकर बनाया गया काढा पीनेसे ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और शीतप्रकोपमें सहायता मिलती है। नमक, लौंग और तुलसीके पत्तोंसे बनाया गया काढा इंफ्लुएंजा (एक प्रकारका ज्वर) में लाभ मिलता है। (क्रमश:)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution