‘ट्विटर’के ‘एमडी’ मनीष माहेश्वरी इधर-उधर भाग रहे, कर्नाटक उच्च न्यायालयमें उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’
९ जुलाई, २०२१
उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने ९ जुलाई, शुक्रवारको कर्नाटक उच्च न्यायालयके सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि ‘ट्विटर इण्डिया’के ‘एमडी’ मनीष माहेश्वरी अन्वेषणमें सहयोग नहीं कर रहे हैं । उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’की ओरसे न्यायालयमें कहा गया कि माहेश्वरीको न्यायिक अधिसूचना दी गई, जिसके पश्चात उनको ‘पुलिस’के सामने प्रस्तुत होकर प्रश्नोंके उत्तर देने चाहिए; परन्तु वे ऐसा नहीं करके, ‘लुका-छुपी’ खेल रहे हैं ।
विचारणीय है कि मनीष माहेश्वरीने ८ जुलाई, गुरुवारको कर्नाटक उच्च न्यायालयसे उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’की ओरसे सतत न्यायिक अधिसूचनाको निरस्त करनेका अनुरोध किया था । न्यायमूर्तिजी नरेन्द्रकी एकल पीठके समक्ष माहेश्वरीकी ओरसे प्रस्तुत हुए अधिवक्ता ‘सीवी’ नागेशने कहा कि ‘सीआरपीसी’की ‘धारा ४१-ए’के अन्तर्गत न्यायिक अधिसूचना बिना अधिकार तथा बिना नियम स्वीकृतिके अनवरत किया गया ।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने ‘ट्विटर’ इण्डियाके एमडी महेश माहेश्वरीको २४ जूनको १०:३० बजे तक गाजियाबादके लोनी थानामें व्यक्तिगत रूपसे उपस्थित होनेका आदेश दिया था । २४ जूनको, उच्च न्यायालयने एक अन्तरिम आदेशमें, गाजियाबाद ‘पुलिस’को महेश माहेश्वरीके विरुद्ध कोई भी दण्डात्मक कार्यवाही आरम्भ करनेसे रोक दिया ।
अनुचित कृत्य करनेवाला ही इधर-उधर भागता फिरता है । ‘ट्विटर’का नाटक अब समाप्त हुआ प्रतीत होता है । अब या तो उसे सुधरना होगा अथवा जाना होगा ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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