बंगालमें भाजपाके २ कार्यकर्ताओंकी हत्या
०४ अगस्त, २०२१
बंगालमें भाजपा कार्यकर्ताओंके साथ हिंसाका प्रकरण अभी थमा नहीं है । मंगलवार, अगस्त ३ को वहां दो भिन्न स्थानोंपर दो भारतीय जनता पार्टीके कार्यकर्ताओंके शव मिले हैं । भाजपाने इन हत्याओंका आरोप भी तृणमूलपर लगाया है । इनमें एक प्रकरण बीरभूमका है और दूसरा मेदिनीपुरका । भाजपाका कहना है कि ‘टीएमसी’ समर्थित अराजक तत्त्वोंने उनके कार्यकर्ताओंकी हत्या की, जबकि ‘टीएमसी’ इन आरोपोंसे मना कर रही है ।
बीरभूम जनपदके खोइरासोलमें मिले भाजपा कार्यकर्ताके शवके बारेमें ‘पुलिस’ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता इंद्रजीत सूत्रधारका शव उन्हें एक भवनके एक कक्षकी छतसे लटका मिला और उनके हाथ भी दोनों बंधे मिले । ‘पुलिस’ने सूत्रधारका शव भी शवपरीक्षा के लिए भेज दिया है । प्राथमिक जांचमें यह प्रकरण हत्याका लग रहा है । आगे जांच की जा रही है । मृतकके परिजनका कहना है कि इंद्रजीत सोमवार रातसे लुप्त थे और उनकी कुछ स्थानीय लोगोंसे कहासुनी भी हुई थी ।
दूसरा शव तपन खटुआका मिला है । समाचारके अनुसार, भाजपाके ४५ वर्षीय कार्यकर्ता तपन खटुआका शव पूर्व मेदिनीपुर जनपदके एगरा क्षेत्रमें स्थित एक सरोवरसे मिला । भाजपा और खटुआके परिवारने उनकी हत्याके लिए ‘टीएमसी’को उत्तरदायी बताया है । वहीं ‘टीएमसी’के स्थानीय नेताओंने आरोपोंको असहमति व्यक्त की है । ‘टीएमसी’के नेताओंने इसके विपरीत भाजपापर ही इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओंपर राजनीतिका आरोप लगाया है ।
ममता बनर्जीको हिन्दू धार्मिक भावना और राष्ट्रीयता दोनोंसे ही वैर है । बंगालमें राजनीतिक हत्याएं बन्द होनेका नाम नहीं ले रही हैं । विजय व्यक्तिको विनम्र बनाती है; परन्तु ममता बनर्जी निर्ममता और क्रूरताके नूतन कीर्तिमान बना रही हैं । जो व्यक्ति सत्ता बचाए रखनेके लिए जनतासे प्रतिशोध लेते हैं, वह लम्बे समयतक सत्तामें रहेंगे तो देशकी एकता और अखण्डताके लिए संकटका ही कारण बनेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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