जम्मू-कश्मीरके जैशसे जुडे १० लोगोंको सुरक्षाबलोंने बन्दी बनाया !!


दिसम्बर ३, २०१८

जम्मू कश्मीरके पुलवामामें आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मदके (जेईएम) दो प्ररुपका (मॉड्यूलका) भंडाफोड कर, १० लोगोंको बन्दी बनाया गया है । उनके पास बडी मात्रामें आपत्तिजनक सामग्री पाई गई है ! पुलिसके एक प्रवक्ताने सोमवारको बताया कि त्रालमें आतंकी आक्रमणमें तेजीकी जांचके लिए विशेष दल गठित किया गया थी । इनमें साधारण नागरिकों और सुरक्षा बलोंको लक्ष्य बनाया गया और भयका वातावरण बनाया गया ।

प्रवक्ताने कहा, “दक्षिण कश्मीरकी पुलिसने प्रतिबन्धित आतंकी संगठन जेईएमके दो आतंकी मॉड्यूलका भंडाफोड किया और अवंतीपोराके त्राल क्षेत्र और पम्पोरके ख्रू क्षेत्रसे १० लोगोंको बन्दी बनाया !” सामग्री साक्ष्योंके आधारपर चार व्यक्तियोंका अभिज्ञान पिंग्लिश निवासी यूनुस नबी नाइक, राशीपोरा निवासी फयाज अहमद वानी, नगीनपुरा निवासी रियाज अहमद गनी और हफू नगीनपुरा निवासी बिलाल अहमद राठेरके रूपमें हुआ है ।   

उन्होंने बताया कि इन प्रकरणकी जांचमें त्रालमें हुए आक्रमणमें उनकी मिलीभगतका खुलासा हुआ है । उन्होंने कहा कि पम्पोरके ख्रूमें उजागर किए गए अन्य मॉड्यूलमें जेईएमके छह साथियोंको बन्दी बनाया गया है जिनका अभिज्ञान जावेद अहमद पर्रे, यासिर बशीर वानी, ताहिर यूसुफ लोन, रफीक अहमद भट, जावेद अहमद खांडे और इमरान नजीरके रूपमें हुआ है । ये सभी ख्रूके रहने वाले हैं ।    

उन्होंने बताया, “आतंकवादके इस मॉड्यूलसे जिलेटिन की छडें, डेटोनेटर, आईईडी बनानेकी सामग्री और ग्रेनेड सहित बडी मात्रामें आपत्तिजनक सामग्री पाई गई है !”

“आतंककी कमर तोडनेके लिए हमारे वीर सैनिक निश्चित ही अभिनन्दनके पात्र है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution