शाह फैसलपर केंद्रीय मन्त्री जितेंद्र सिंहका व्यंग्य, सुरक्षा भी चाहिए, आतंकियोंको आतंकी कहनेका साहस भी नहीं


जनवरी १०, २०१९

देशकी सबसे बडी भारतीय प्रशासनिक सेवाकी परीक्षामें उच्च स्थान प्राप्त करनेवाले प्रथम कश्मीरी शाह फैसलके त्यागपत्रपर पी. चिदम्बरम, उमर अब्दुल्लाके पश्चात अब केन्द्रीय मन्त्री जितेन्द्र सिंहने कहा कि फैसलका त्यागपत्र सशक्त इच्छाओंमें न्यूनताका संकेत है ।


उन्होंनें कहा कि म्यदि आपके भीतर विश्वास है तो आपको आतंकी गतिविधियोंकी निंदाके लिए तैयार रहना चाहिए । ऐसा नहीं हो सकता कि आतंकवादी आक्रमणसे आपको सुरक्षा बलोंकी सुरक्षा भी मिले और साथ ही साथ आपमें आतंकीको आतंकी कहनेका साहस भी न हो !

जितेंद्र सिंहने आगे कहा कि लोग भारतको एक सरल लक्ष्य पाते हैं, जो सहिष्णु है और आपको अभिव्यक्तिकी भी स्वतन्त्रता देता है । बता दें कि ‘आईएएस’ शाह फैसलने बुधवारको यह कहते हुए अपने पदसे त्यागपत्र दे दिया कि कश्मीरमें हो रही मृत्युके विरोधमें भारत शासनके प्रयासोंमें न्यूनता दिखती है । उन्होंने आरोप लगाया था कि लगभग २० कोटि भारतीय मुस्लिम हिंदूवादी शक्तियोंके हाथों ओझल हो गए, अन्तिम छोरपर पहुंच गए और द्वितीय श्रेणीके नागरिक बनकर रह गए ।

शाह फैसलके त्यागपत्रपर पूर्व वित्त मन्त्री पी. चिदम्बरमने भी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी शासनपर लक्ष्य साधा । चिदंबरमने कहा कि पहले कश्मीरी आईएएस उच्चतम स्थानपर रहे फैसलने जो कुछ भी कहा है वह मोदी शासनको दोषी बताता है । उन्होंने कहा कि वह त्यागपत्र दे चुके शाह फैसलको नमन करते हैं । उनके वक्तव्यका प्रत्येक शब्द उचित है और बीजेपी शासनपर कलंक है । विश्व उनके आक्रोश, पीडा और चुनौतीको स्मरण रखेगा ।

बताया जा रहा हैं कि फैसल कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री उमर अब्दुल्लाकी नैशनल कॉन्फ्रेंसके टिकटपर मतदान लड सकते हैं । विवरणके अनुसार फैसल बारामुलासे लोकसभा मतदान लड सकते हैं ।

 

“इतने उच्च पदपर बैठनेवाला अधिकार जब पृथकतावादियोंकी भाषा बोले तो उसके अधिकारी रहते न्यायकी अपेक्षा कौन करेगा ? फैजलको भारतीय सैनिकोंके मरनेपर दुःख नहीं हुआ, पाकिस्तानकी गोलियोंपर कभी दुःख नहीं हुआ; परन्तु आतंकियोंके समर्थकोंकी मृत्युपर दुःख हुआ, ऐसा व्यक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवाओंके योग्य है क्या ? प्रशासन अब सीख लें और स्वयं सोचे कि ऐसे देशका धन व्यय करके ‘आइएएस’ अधिकार बना रहा है अथवा ‘आइएस’ अधिकारी ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



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