जनवरी ५, २०१९
उत्तर प्रदेश विधानसभामें मंगलवार, ५ फरवरीको हंगामा हुआ । यहां राज्यपालके अभिभाषणके मध्य मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टीके विधायकोंने हाथोंमें फलक (पोस्टर) लेकर उत्पात किया । दावा किया जा रहा है कि विधानसभाके भीतर दोनों दलोंके विधायकोंने राज्यपालपर कागदके (कागजके) गोले भी फेंकें !
दूसरी ओर विधायकोंके इस उत्पातके समय विधायक सुभाष पासी मूर्च्छित भी हो गए ! उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश विधानसभाका बजट-सत्र आरम्भ हो गया है । यह सत्र २२ फरवरीतक चलेगा और ७ फरवरीको योगी अपना तीसरा बजट प्रस्तुत करेंगें ।
इस अनुशासनहीनताको राज्यपाल अध्यक्षकी कुर्सीसे खडे होकर देखते रहे और सामने लाल व नीली टोपी पहले विधानसभा सदस्य उद्घोष (नारेबाजी) करते रहे !! विपक्षी विधायकोंके इस कृत्यकी मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने आलोचना की है । उन्होंने इस घटनाक्रमको अलोकतान्त्रिक बताया है ।
योगीने कहा, “जिस ढंगसे राज्यपालके विरुद्घ उद्घोष किए गए और सपा विधायकोंने कागदके गोले राज्यपालपर फेंके, वह निन्दनीय है । उनके इस व्यवहारसे अनुमान लगाया जा सकता है कि वह किसप्रकारकी व्यवस्था चाहते हैं ।
सपा विधायकोंने सदनके बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया . प्रदेशमें पशुओंसे हो रही किसानोंको कठिनाई और अवैध खननकी लूट जैसे मुद्दोंपर सपा विधायकोंने योगी शासनको घेरा ।
“सपा-बसपा विधायक विरोध नहीं वरन नौटंकी कर रहे हैं । विरोध करता हुआ वह अच्छा प्रतीत होता है कि जैसे उनके शासनमें सर्वत्र प्रसन्नता थी और अब नहीं है; परन्तु यहां तो स्थिति सुधरी ही है तो क्या किसी भी प्रकरणको उठाकर विरोध करनेमें इन्हें लाज नहीं आती है ? माना कि सभी अशिक्षित व संस्कारहीन हो सकते हैं कि उन्हें इसका ज्ञान न हो; परन्तु उनसे तो सामान्य सभ्य आचरणकी कल्पना नहीं कर सकते हैं । अब तो लज्जा भी भारतीय राजनीतिसे लुप्तप्राय हो गई है । जब अयोग्य चयनकर्ता नेता चयनित करते हैं तो अयोग्य ही होगा न ? उत्तरप्रदेशकी राजनीति आज भी यादव-दलितपर ही घूमती है ! इस स्थितिको परिवर्तित करनेके लिए हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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