जून १६, २०१८
गोरखपुरके सांसद रहे योगी आदित्यनाथके मुख्यमन्त्री बननेके पश्चात यहांकी विभूतियोंको भी पहचान मिलने लगी है । उनके मुख्यमन्त्री बननेके पश्चात सरकारी विद्यालयोंके पाठ्यक्रममें गोरखपुर सहित उत्तरप्रदेशकी विभूतियोंके नाम भी जुडना आरम्भ हो गए हैं । इसी क्रममें अब पाठ्यक्रममें गोरक्षपीठ भी जुड गया है । कक्षा ६, ७ और ८ के पाठ्यक्रममें बाबा गोरखनाथ, बाबा गम्भीरनाथ सहित कालजयी उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द, देशकी स्वतन्त्रताके लिए हुतात्मा होने वाले पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, बन्धू सिंहको सम्मिलित किया गया है ।
परिषदीय विद्यालयोंकी पुस्तकोंका आकार पूरी तरहसे बदल दिया गया है । पाठ्यक्रममें महान विभूतियों बाबा गोरखनाथ, बाबा गम्भीरनाथ, स्वामी प्रणवानन्द, पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, क्रान्तिकारी बाबू बन्धू सिंहकी जीवनीको सम्मिलित किया गया है । गोरखपुरके ‘बीएसए’ भूपेन्द्र नारायण सिंहने बताया कि कक्षा १ से ८ तककी ८,३६,९५७ से अधिक पुस्तकें मंगाई जा चुकी हैं । इन पुस्तकोंको ‘बीआरसी’ केन्द्रोंके माध्यमसे विद्यालयोंमें भेजनेकी प्रक्रिया आरम्भ हो गई है । हमारे यहां परिषदीय विद्यालयके साथ प्राथमिक, माध्यमिक व सहायता प्राप्त विद्यालय हैं । इस वर्ष पाठ्यक्रममें भी कुछ बदलाव किए गए हैं । गुरु गोरखनाथको इस वर्षसे कक्षा छहके ‘महान व्यक्तित्व’ नामक पुस्तकमें सम्मिलित किया गया है ।
पुस्तकमें पाठ छहके रूपमें गुरु गोरखनाथकी जीवनीको स्थान दिया गया है । ‘बीएसए’ भूपेन्द्र नारायण सिंहने बताया कि पुस्तकोंके साथ विद्यालयकी वेशभूषा, पाठ्यक्रम पुस्तकें, थैले, जूते-जुराबोंके साथ अन्य आवश्यक वस्तुएं १५ जुलाईके पहले विद्यालयोंमें उपलब्ध करा दिए जाएंगे ! उन्होंने कहा कि यहांकी महान विभूतियोंको पाठ्यक्रममें सम्मिलित करनेसे बच्चे यहांके महान लोगोंके बारेमें जान सकेंगे, इससे उनके बौद्धिक ज्ञानमें वृद्धि होगी । इसी पुस्तकमें गोरखपुरके चौरीचौरा क्षेत्रके महान क्रान्तिकारी बाबू बन्धू सिंहकी जीवनी भी सम्मिलितकी गई है । इसके अतिरिक्त बच्चोंको ‘आल्हा-उदल’, रानी अवन्तीबाईके बारेमें भी सूचना प्राप्त करेंगे ।
कक्षा ६ में गत वर्ष ३२ अध्याय थे; लेकिन इस बार बढकर ३८ अध्याय हो गए हैं । इसके अतिरिक्त बच्चे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, पूर्व प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलामको भी पढकर उनके संदर्भमें जान सकेंगे । कक्षा आठकी ‘महान व्यक्तित्व’ पुस्तकमें भारत सेवाश्रम संघके संस्थापक एवं योगीराज गम्भीरनाथके शिष्य स्वामी प्रणवानन्दकी जीवनीको भी रखा गया है ।
स्त्रोत : जी न्यूज
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