नवम्बर १४, २०१८
लहुरीकाशीके दर्जनों गांवोंमें गैरधर्म प्रचारकोंके आनेके पश्चात् ४२ परिवार सनातन धर्म त्यागकर ईसाई बन गए ! आरोप है कि खानपुरके जल्दीपुर, नेवादा ओर बिझवलमें तीस से अधिक हिन्दू परिवारोंका प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया गया ! वहीं बहरियाबादमें १२ परिवारोंसे डेढ दर्जन लोगोंके धर्म परिवर्तनसे हडकम्प मच गया है । डीएमने एसडीएम और पुलिसको जांच व कार्यवाहीके निर्देश दिए हैं । एसओ खानपुरने बिझवलके प्रमुख प्रचारक गुड्डू रामको बन्दी बनाया है ।
जनपदके भिन्न-भिन्न क्षेत्रोंमें गत लगभग १५ माहसे प्रत्येक रविवार चल रहीं प्रार्थना सभाओंके पश्चात् गत कुछ दिवसोंमें लगभग ४२ परिवारोंका धर्म परिवर्तन कराया गया ! आरोप है कि खानपुर, बहरियाबाद और औडिहारके दर्जनों गांवोंमें मिशनरीके लोग धन और चिकित्साका प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तनकी शिक्षा दे रहे हैं । खानपुरके जल्दीपुर, नेवादा ओर बिझवलमें तीससे अधिक हिन्दू परिवारोंका प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया गया !
बहरियाबादके फौलादपुरमें १२ परिवारोंसे डेढ दर्जन लोगोंने घरोंमें यीशूकी प्रतिमा और क्रास लगाया है ! सबसे अधिक लोग एससी/एसटी और पिछडे वर्गसे हैं ! जनपदमें खुलेमें प्रार्थना सभाओं और धर्म परिवर्तनका प्रकरण प्रकाशमें आनेके पश्चात् प्रशासन स्तब्ध है । डीएम के. बाला जीने प्रकरणपर कडी कार्यवाही करनेके लिए एसडीएम और सम्बन्धित थानोंके एसओको कहा हैं । उन्होंने एसडीएम सैदपुर समेत एसओ खानपुर और एसओ बहरियाबादको कार्यवाहीके निर्देश दिए । इसके पश्चात् पुलिसने छापेमारी कर प्रचारक गुड्डू रामको बन्दी बना लिया है । वहीं दूसरी ओर पुलिसकी कार्यवाहीके पश्चात् लोग घर छोडकर भूमिगत हो गए हैं !
“ईसाई मिशनरी धर्मान्धोंसे भी बृहद संकटके रूपमें उभर कर सामने आ रही है और लक्ष्य निर्धन हिन्दू होते हैं ! इस विकट परिस्थितिसे निपटनेके लिए हिन्दुवादी सरकारें शीघ्रातिशीघ्र कठोरसे कठोर पग उठाए व दण्ड दें और हिन्दुवादी संस्थाएं भी मुखर होकर इन्हें खदेडे, अन्यथा ये राष्ट्रपर एक बडा संकट बन सकते हैं ! – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
Leave a Reply