पैसे लेकर भिडन्तमें मारने (एनकाउण्टरके) ‘स्टिंग’से हडकम्प, डीजीपीने किया तीन पुलिसकर्मियोंको निलम्बित


अगस्त ६, २०१८

योगी शासनमें पैसे लेकर भिडन्तके (एनकाउण्टरके) ‘स्टिंग ऑपरेशन’से उत्तरप्रदेश पुलिसमें हडकम्प मच गया है । डीजीपीने पैसे लेकर नकली ‘एनकाउण्टर’ करने वाले ‘स्टिंग’के सामने आते ही आरोपी तीन पुलिसकर्मियोंको निलम्बित कर दिया है ।

उत्तर प्रदेशके पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंहने तीन आरोपी पुलिसकर्मियोंको निलम्बित करनेके साथ ही प्रकरणकी जांचके आदेश दे दिए हैं । ‘इण्डिया टुडे’की जांचपर प्रदेश पुलिसमें शीर्ष स्तरपर तेजी से पग उठाया गया ।

आगराके एसएसपी अमित पाठकने टेपपर निर्दोष नागरिकोंके साथ नकली भिडन्तके लिए सज्ज होनेकी बात कहने वाले तीन पुलिस अधिकारियोंके तत्काल प्रभावसे निलम्बनकी घोषणा की है । पाठकने कहा, ‘मैं मानता हूं कि पुलिस बलमें कोई भी अपने निहित स्वार्थके लिए कार्य मानदण्डोंके विपरीत जाता है और झूठे प्रकरणमें निर्दोष नागरिकोंको फंसाता है तो उसके साथ कडाईसे पेश आना चाहिए ।’ विभागीय जांच एडिशनल एसपीको दे दी है ।

उत्तर प्रदेश पुलिसने अपने आधिकारिक ‘ट्वीटर हैण्डल’से इसकी सूचना दी है । ‘ट्वीट’में लिखा गया है कि पुलिस महानिदेशकने पुलिसकर्मियोंके इस प्रकारके अनुत्तरदायी कथनको गम्भीरतासे लिया है, जिससे उत्तरप्रदेश पुलिसकी छवि धूमिल हुई है । पुलिस महानिदेशकने आरोपी पुलिसकर्मियोंको निलम्बित करनेका आदेश दिया है ।

पदोन्नति, पैसा और प्रसिद्धि, ये तीनों प्राप्त करनेके लिए उत्तरप्रदेशके सभी नहीं, तो कुछ पुलिस अधिकारी लघुपथके रूपमें नकली भिडन्तकी राह अपनानेके लिए भी सज्ज लगते हैं ! ‘इण्डिया टुडे’की विशेष जांच दलने (एसआईटी) अपनी जांचके मध्य पाया कि योगी शासनके कार्यकालमें भिडन्तमें मरने वालोंकी संख्या ६० से ऊपर पहुंच गई है !

आधिकारिक विवरणके अनुसार मार्च २०१७ से अबतक उत्तर प्रदेश पुलिसकी ओरसे की गई लगभग १५०० भिडन्तमें ४०० के आसपास लोग चोटिल हुए हैं । ‘इण्डिया टुडे’की जांचसे सामने आया कि उत्तरप्रदेश पुलिसके कुछ सदस्य झूठे प्रकरणमें निर्दोष नागरिकोंको फंसा रहे हैं और फिर उन्हें नकली भिडन्तमें गोली मार रहे हैं ! ये सब पदोन्नति और दूसरोंसे पैसा लेकर किसीको मारनेकी इच्छासे किया जा रहा है !
उत्तरप्रदेशमें भाजपाके सत्तामें आनेके पश्चात केवल आगरामें २४१ भिडन्त हुई हैं । स्थानीय चित्राहाट पुलिस स्टेशनके एक उप-पुलिस अधिकारीने एक निर्दोष नागरिकको मारनेके लिए आठ लाख रुपये लिए ! ‘इण्डिया टुडे’के गुप्त संवाददाताने जांचसे स्वयंको व्यापारी बताते हुए अपने एक काल्पनिक प्रतिस्पर्धीको नकली प्रकरणमें फंसानेके लिए सब अधिकारीसे सम्पर्क किया, इसी मध्य नकली एनकाउण्टरका (भिडन्तका) प्रकरण सामने आया ।

स्रोत : आजतक



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