अब उत्तर प्रदेशमें ६० के स्थानपर ५० वर्षमें ही ‘पुलिस’कर्मी होंगे सेवानिवृत्त, मुख्यमन्त्री योगीके नेतृत्ववाले शासनके नामसे साझा हो रहे हैं छद्म आदेश 


१४ मार्च, २०२२
          उत्तर प्रदेशमें मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथके नेतृत्वमें भारतीय जनता पार्टी पुनः सत्तामें लौटी है । इसके साथ ही अब भाजपा विरोधी असत्य प्रतिवाद (दावे) करनेमें प्रयासरत हो गए हैं । सामाजिक जालस्थलोंपर प्रतिवाद (दावा) किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेशमें ‘पुलिस’कर्मी ६० के स्थानपर ५० वर्षमें ही सेवानिवृत्त होंगे । वहीं उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने ‘ट्वीट’कर इन ‘दावों’को छ्द्म बताया एवं बिना सत्यापन इसे साझा करनेके लिए चेताया भी है । समाचारके अनुसार, स्वयंको किसान नेता बतानेवाले राजस्थानके हिम्मत सिंह गुर्जरने अपने ‘ट्वीट’में लिखा, “उत्तर प्रदेश चुनावोंमें विजयी होनेके पश्चात प्रसन्नतामें ‘भाजपा’ शासनने दिया ‘पुलिस’कर्मियोंको दिया बडा उपहार, ‘पुलिस’कर्मियोंमें प्रसन्नताकी लहर । अब ६० के स्थानपर ५० वर्षकी आयुमें ही ‘पुलिस’कर्मी होंगे सेवानिवृत्त ।” इसीके साथ ‘डीजीपी’ कार्यालयका एक पत्र भी जोड दिया गया, जिसपर १० मार्च २०२२ की तिथि अङ्कित है । वहीं उस पत्रमें स्पष्ट लिखा था कि ५० वर्षसे अधिक आयुवाले ‘पुलिस’कर्मियोंकी ‘स्क्रीनिंग’ करवानेका निर्देश दिया गया है । उधर कांग्रेसके अल्पसंख्यक नेता मोहम्मद वाहिद खानने भी अपने ‘ट्विट’में ऐसे ही कुछ ‘दावे’ किए हैं । उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’के ‘वायरल फैक्ट चेक हैंडल’द्वारा, १३ मार्चको बताया गया कि सेवानिवृत्तिकी आयु ६० वर्षसे घटाकर ५० वर्ष किए जानेका समाचार पूर्णतः भ्रामक है, कृपया बिना सत्यापनके इस छद्म आदेशको साझाकर ‘अफवाह’ न फैलाएं ! ‘पुलिस’ मुख्यालय इन समाचारोंका खण्डन करता है ।
        शासन जब मनानुसार प्राप्त न हुआ हो तो मनकी अग्निको शान्त करने हेतु ऐसे मूर्खतापूर्ण प्रयास विरोधियोंद्वारा सामान्य है; अतः सभी अधिकारियों व शासकीय कर्मचारियोंको अब सतर्क रहना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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