मुंबई जैसा विस्फोट करनेका प्रशिक्ष्ण लेनेवाले आतङ्की ओसामाके पाकिस्तानी चाचा हुमैदने उत्तर प्रदेशमें किया आत्मसमर्पण
१८ सितम्बर, २०२१
आतङ्की हुमैद उर रहमानने उत्तर प्रदेशमें प्रयागराजके करेली ‘थाने’में आत्मसमर्पण कर दिया है । वह बन्दी बनाए गए आतङ्की ओसामाका चाचा है । हुमैद उर रहमानपर, ओसामा और जीशानको पाकिस्तानमें प्रशिक्षण देनेका आरोप था । हुमैदको प्रयागराजसे लखनऊ लाया गया है और अबतक बन्दी बनाए गए ६ आतंङ्कियोंसे भी पूछताछ की जा रही है । ओसामा और जीशानने बताया कि पाकिस्तानमें १५ दिवसोंके प्रशिक्षणमें उन्हें ‘एके’-४७ के अतिरिक्त, किसी भी रसायनसे कैसे और कहां विस्फोटक करना है ? यह सिखाया गया । ‘आईडी’ बनाना, न्यूनतम समयमें विस्फोट करना भी सिखाया गया । १९९३ में मुंबईमें विस्फोट करके, कैसे प्रतिशोध लिया गया था, ऐसे ही और विस्फोट करना सिखाया गया । इसके लिए ‘रेलवे ब्रिज’ तथा ‘रेलवे लाइनों’में विस्फोटक सामग्री लगाना सिखाया गया । ये सब भी न हो पाए तो कैसे एक साथ विशाल जनसमूहमें विस्फोट करके, सहस्रों लोगोंको एक साथ मारा जाए, ये प्रशिक्षण दिया गया था ।
पुलिसने अपने इस ‘मल्टी स्टेट ऑपरेशन’में विस्फोटक व अन्य सामग्रियोंको भी प्राप्त किया है । २२ वर्षीय ओसामा, देहलीमें जामिया नगर क्षेत्रके ‘अबुल फजल एन्क्लेव’में रहता था । देशके भिन्न-भिन्न भागोंसे पकडकर बन्दी बनाए गए सभी आतङ्कियोंको न्यायालयने १४ दिवसके लिए ‘पुलिस रिमांड’में भेज दिया है । वे त्योहारोंपर सङ्कट उत्पन्न करनेका षड्यन्त्र रच रहे थे । इन लोगोंके दो गुट बनाए गए थे, जो दाऊद इब्राहिमके भाई अनीसके सम्पर्क में थे । पाकिस्तानके दोनों प्रशिक्षित आतङ्कियों, ओसामा और जीशानको, विस्फोट करनेके लिए देहली एवं उत्तर प्रदेशमें उपयुक्त स्थानोंको ढूंढनेका कार्य दिया गया था ।
जबतक पाकिस्तानसे भारतमें रहनेवाले जिहादियोंको सहायता और प्रश्रय मिलता रहेगा, ये ऐसे ही षड्यन्त्र करते रहेंगे; अतः भारतके जिहादियोंका मनोबल तोडनेके लिए पाकिस्तानका विनाश आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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