वैदिक उपासना पीठके वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग-७) / उपासनाका वानप्रस्थ प्रकल्प वृद्धाश्रमसे भिन्न कैसे होगा ? (भाग-२)
सामान्यत: वृद्धाश्रममें कोई दिनचर्याका विशेष पालन नहीं किया जाता है, वहीं वानप्रस्थ प्रकल्पमें सदस्योंकी शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक क्षमता अनुसार उनकी दिनचर्याका निर्धारण किया जाएगा तथा वे अपने जीवनके उत्तरार्द्धका सदुपयोग करते हुए आनन्दमें रह सकें, इसका विशेष रूपसे ध्यान रखा जाएगा । मैंने देखा है कि सामान्यतः वृद्धाश्रममें जो लोग रहते हैं उनके पास कोई विशेष सेवा या कार्य नहीं होता है तो वे अपने बच्चोंको या पोते-पोतियोंके विषयमें ही या भूतकालके विषयमें सोचते रहते हैं, ऐसेमें उन्हें अवसाद या निराशा घेर लेती है । वानप्रस्थ प्रकल्प आश्रम परिसरमें होनेसे वहां अनेक कार्यक्रम होंगे, जिसमें वे सहभागी हो सकते हैं तथा गुरुकुलके विद्यार्थी उन्हें अपने पोते-पोतियोंका प्रेम देंगे जिससे उनका मन रमा रहेगा ।
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