US से हथियार लेकर भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा PAK


आतंकवाद के पोषक पाकिस्तान को भारत ने अमेरिका के सामने एक बार फिर से बेनकाब कर दिया है. पाकिस्तान आतंकी संगठन तालिबान के खिलाफ लड़ाई के नाम पर अमेरिका से हथियार हासिल करता है और फिर इनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ करता है. इस बाबत भारत ने अमेरिका को सबूत सौंपे हैं.

भारत ने कहा कि अमेरिका ने तालिबान के खिलाफ लड़ाई के लिए पाकिस्तान को US TOW-2A एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल जैसे हथियार दिए है, लेकिन वह इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के खिलाफ कर रहा है.

अमेरिकी हथियारों से पाकिस्तान लगातार नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर फायरिंग कर रहा है और भारतीय सुरक्षा बलों और चौकियों को निशाना बना रहा है. पिछले डेढ़ महीने में पाकिस्तान की ओर से किए गए सीजफायर उल्लंघन में अब तक कम से कम नौ भारतीय सैनिक शहीद हो चुके हैं.

TOW-2A एंटी-टैंक मिसाइल को अमेरिका ने विकसित किया था, जिसको पाकिस्तान ने आत्मरक्षा और अफगानिस्तान में आतंकियों के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशंस का सपोर्ट करने के लिए खरीदा था. अक्टूबर 2007 में अमेरिकी कांग्रेस ने पाकिस्तान को 2000 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल देने का रास्ता साफ किया था.

पाकिस्तान अमेरिका से जिन हथियारों को आतंकियों के खिलाफ लड़ने के लिए मांगता है, उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है. हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवाद को पनाह देने को लेकर पाकिस्तान पर करारा हमला बोला था. नए साल पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर अमेरिका को ‘झूठ और धोखे’ के सिवाए कुछ न देने की बात कही थी.

इसके साथ ही ट्वीट में लिखा था कि पिछले 15 सालों में 33 अरब डॉलर की सहायता देने के बदले में पाकिस्तान ने आतंकवादियों को ‘पनाह’ देने का काम किया है. ट्रंप के इस ट्वीट के बाद ही अमेरिका ने एक्शन लिया और पाकिस्तान को दिए जाने वाले फंड पर रोक लगा दिया. पाकिस्तान की हरकत को अमेरिका पहले ही समझ चुका है. लिहाजा वह पाकिस्तान के खिलााफ अपना रुख साफ कर चुका है.

वहीं, हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग में इजाफा हुआ है. साल 2015 में भारत और अमेरिका के बीच 10 साल के डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को रिन्यू हुआ था. इसके एक साल बाद अमेरिका ने भारत को बड़े रक्षा भागीदार का दर्जा दे दिया.



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