२ से अधिक बच्चे हैं तो सुविधाओंमें कटौती, शासकीय चाकरी भी नहीं, उत्तर प्रदेशमें जनसङ्ख्या नियन्त्रण विधानपर कार्य आरम्भ
२० जून, २०२१
उत्तर प्रदेशमें शीघ्र ही जनसङ्ख्या नियन्त्रण हेतु ठोस पग उठाए जा सकते हैं । देशकी सर्वाधिक जनसङ्ख्यावाले राज्यमें २ से अधिक बच्चोंवाले अभिभावकोंको शासकीय सुविधाओंसे वञ्चित किया जा सकता है । राज्य विधि आयोगके अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तलके अनुसार, राजस्थान व मध्य प्रदेशमें लागू कुछ विधानोंका इसके लिए अध्ययन किया जा रहा है । ‘राशन’ व अन्य ‘सब्सिडी’वाली सुविधाओं सहित अनेक शासकीय योजनाओंमें ऐसे अभिभावकोंको मिलनेवाली सुविधाओंमें कितनी कटौती की जा सकती है ? इसपर विचार हो रहा है । सबसे बडा विषय यह है कि किस समय सीमाके आधारपर ऐसे अभिभावकोंको विधानकी सीमामें लाया जाए और शासकीय चाकरीमें उनके लिए क्या नियम निश्चित किए जाएं ? इसपर विचार हो रहा है । योगी शासन इसके लिए ‘बेरोजगारी’ और भूखमरी जैसी समस्याओंको भी ध्यानमें रख रही है ।
‘लव जिहाद’से लेकर गोरक्षा और उपद्रवियोंसे सार्वजनिक सम्पत्तिकी हानिकी क्षतिपूर्तितक, योगी शासनमें कई महत्त्वपूर्ण विधान पारित हुए हैं । अब दोसे अधिक बच्चोंके अभिभावकोंको शासकीय सुविधाओंसे वञ्चित किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव स्वागत योग्य है और यह देशभरमें लागू होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply