सोनू बनकर सद्दामने युवतीको फंसाया, विवाहका झांसा देकर ८ वर्षोंतक किया यौन उत्पीडन, गांव पहुंची तो आरोपीके भ्राताने भी किया दुष्कर्म


३१ अक्टूबर, २०२१
       उत्तर प्रदेशमें ‘लव-जिहाद’ प्रकरण रुकनेका नाम नहीं ले रहे हैं । ‘लव-जिहाद’का एक प्रकरण रायबरेलीसे सामने आया है, जिसमें आरोपित युवकने नाम परिवर्तितकर पीडितासे दूरभाषपर बात करने लगा और उसे अपने प्रेमजालमें फंसा लिया; इसके पश्चात आरोपित युवकने विवाहका झांसा देकर, उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाया । जब पीडिताने विवाहका दबाव बनाया तो आरोपितने अपना चलभाष बन्द कर लिया ।
      समाचारके अनुसार, जब पीडिताका आरोपितसे बात होना बन्द हो गया और कोई सम्पर्क नहीं हो पाया तो वह आरोपितके गांव पहुंची । वहां पहुंचनेपर उसे वास्तविकताका भान हुआ; इसके पश्चात पीडिताने ‘थाने’में परिवाद प्रविष्ट किया; परन्तु ‘पुलिस’ने अभियोजन प्रविष्ट नहीं किया । ‘थक-हार’कर पीडिता ‘पुलिस’ अधीक्षककी चौखटपर पहुंची और न्यायकी याचना की । उसने न्याय नहीं मिलनेपर आत्महत्याकी धमकी भी दी है ।
      देहली की रहनेवाली पीडिताका आरोप है कि रायबरेली जनपदके लालगंज कोतवाली क्षेत्रके मधुकरपुरके रहनेवाले सद्दाम, उससे सोनू बनकर दूरभाषपर बात करता था । बात करते-करते वह पीडिताको प्रेमजालमें फंसा लिया; इसके पश्चात आरोपित युवक देहली जाकर पीडिताका शारीरिक शोषण करनेके साथ-साथ उससे रुपये भी ऐंठता था । सद्दाम गत ८ वर्षसे विवाहका झांसा देकर, उसका यौन उत्पीडन कर रहा था ।
     पीडिताका कहना है कि जब उसने विवाहका दबाव डाला तो सद्दामने अपना चलभाष बन्द कर दिया । कई दिनोंतक आरोपितसे पीडिताकी बात नही हुई तो वह देहलीसे रायबरेली आ गई । आरोपितके गांव पहुंचकर पीडिता सोनूको ढूंढने लगी । इस मध्य उसे पता चला कि वहां सोनू नामका कोई युवक है ही नहीं ! जब पीडिताने छायाचित्र दिखाया, तब उसे पता चला कि जिसे वह सोनूके नामसे जान रही थी, वह वास्तवमें सद्दाम है ।
      दिन-प्रतिदिन पाश्चात्य संस्कृतिके बढते प्रभाव एवं माता-पिताद्वारा, सन्तानको योग्य दृष्टिकोण देनेके अभावमें, आज युवा भ्रमित हैं । इन सभीके समाधानके लिए हिन्दुओंको धर्मशिक्षण देनेकी तथा अन्तरधर्मीय विवाहपर प्रतिबन्धकी आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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