उत्तराखंडके मुख्यमन्त्रीने ५१ मन्दिरोंको शासनसे मुक्त करनेका लिया है निर्णय
१० अप्रैल, २०२१
उत्तराखंडके ५१ मन्दिरोंको शासनसे मुक्ति दी जाएगी । इसके लिए मुख्यमन्त्री तीरथ सिंह रावतने निर्णय लिया है । पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावतने मन्दिरोंके प्रबन्धनके लिए, उन्हें अपने अधिकारमें लिया था; किन्तु मन्दिरके प्रबन्धकोंने इसका अत्यधिक विरोध किया था । मुख्यमन्त्रीने अपने शासनकालमें एक प्रबन्धन समितिका गठन किया था, जिससे चारों धामों गंगोत्री, यमनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथका शासकीय प्रबन्धन हो । पूरे देशमें मन्दिरोंकी मुक्तिकी मांग उठनेपर वर्तमान मुख्यमन्त्रीने यह निर्णय लेनेकी घोषणा की है । इसी मध्य तमिलनाडुमें भाजपाने भी सत्तामें आनेपर मन्दिरोंको मुक्त करनेका वचन दिया है और मन्दिरोंके प्रबन्धन हेतु पृथक समिति बनाई जाएगी ।
मुख्यमन्त्री तीरथ सिंह रावतका यह निर्णय लेना प्रशंसाके योग्य है, जिससे लम्बे समयके पश्चात मन्दिरोंका धन मन्दिरोंके निर्माण और व्यवस्थापर ही व्यय हो पाएगा । इसी प्रकार दूसरे प्रशासन भी मन्दिरोंको मुक्तकर, देशकी संस्कृति और धर्मको समृद्ध करनेमें सहयोगी बनेंगे, ऐसी आशा की जा सकती है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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