फरवरी २०, २०१९
एक ओर पुलवामामें ‘सीआरपीएफ’ सैनिकोंपर हुए आक्रमणसे देशभरमें आक्रोश है । इसी मध्य देशके भिन्न-भिन्न भागोंसे भारत विरोधी उद्घोष और लेखोंको को लेकर कार्यवाही की जा रही है । ऐसा ही एक प्रकरण रुडकीमें सामने आया है, जहां एक विश्वविद्यालयमें कुछ कश्मीरी छात्रोंको कथित भारत विरोधी लेखके आरोपमें निलम्बित कर दिया गया है ।
रुडकी स्थित ‘क्वॉन्टम ग्लोबल यूनिवर्सिटी’ने सामाजिक जालस्थलपर कथित राष्ट्र विरोधी लेखको लेकर ७ कश्मीरी छात्रोंको निलम्बित कर दिया है । विश्वविद्यालयके कुलसचिव (रजिस्ट्रार) आर.के. खरेने बताया कि परिसरमें लगहग ४५० छात्र एकत्र हुए और उन्होंने ‘फेसबुक और इंस्टाग्राम’पर कथित राष्ट्र विरोधी लेखोंको लेकर आरोपी छात्रोंके निष्कासनकी मांग की थी ।
इसके पश्चात मंगलवार, १८ फरवरीको कार्यवाही की गई । उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रोंने चेतावनी दी कि यदि कश्मीरी छात्रोंको निष्कासित नहीं किया जाता है तो वे संस्थान छोडकर चले जाएंगें । खरेने कहा, “प्रदर्शन कर रहे छात्रोंको शांत करने और उन्हें परिसर छोडनेसे रोकनेके लिए हमें कश्मीरी छात्रोंको निलम्बित करना पडा।”
“प्रसन्नताकी बात है कि अब देश जाग रहा है; परन्तु इस जागृतिको सदैवके लिए जगाना होगा ! दो दिन जागकर शेष दिवस सोनेसे राष्ट्रनिर्माण नहीं होता है, इसका सभी युवाओंने ध्यान रखना चाहिए । जिस स्थितिमें आज हिन्दू खडा है, उसके लिए निरन्तर संघर्षकी आवयकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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