उत्तिष्ठ कौन्तेय !


भारतका अधिकृत रूपसे हिन्दू राष्ट्र घोषित होना है अति आवश्यक
भारत पुरातन कालसे ही हिन्दू राष्ट्र होनेके कारण इसकी मांग करना अनावश्यक है, ऐसा उत्तर प्रदेशके कृषिमन्त्री श्री सूर्य प्रताप शाहीने कहा है । यदि भारत हिन्दू राष्ट्र होता तो –
१. क्या विेशविद्यालयोंमें गोमांस भोजका (बीफ पार्टीका) आयोजन करनेकी धृष्टता, कोई भी युवा विद्यार्थी संगठन करता ?
२. क्या भारत गोमांसका सबसे बडा निर्यातक होता ?
३.. क्या आए दिन भारतमें हिन्दू-मुसलमान साम्प्रदायिक उपद्रव होते ?
४. क्या सन्तों एवं संन्यासियोंको बिना कारण कारावासकी यातनाएं सहन करनी पडती ?
५. क्या कश्मीरी हिन्दू पण्डितोंको अपनी ही स्वर्ग समान धरतीसे खदेडा जाता एवं उन्हें अपने ही देशमें शरणार्थी समान जीवन व्यतीत करने हेतु बाध्य होना पडता ?
६. क्या प्रत्येक वर्ष लाखों हिन्दुओंका छल, बल या लोभ देकर धर्मान्तरण किया जाता ?
७. क्या हमारे राष्ट्रपुरुषों, धर्मगुरुओं, देवी-देवताओंकी घोर विडम्बना करनेकी कोई भी कलाकार धृष्टता करता ?
८. क्या इस देशमें प्रत्येक ८ मिनिट एक बलात्कारकी घटना घटती ?
९. क्या भारतके अन्नदाता किसान, दरिद्रताके कारण आत्महत्या करते ?
१०.. क्या दुष्ट एवं भारतद्वेषी इस्लामिक पाकिस्तानद्वारा प्रायोजित छद्म युद्धमें हमारे सैनिक, प्रत्येक वर्ष सहस्रोंकी संख्यामें हुतात्मा होते ?
११. क्या सहस्रों हिन्दू युवतियां लव जिहादकी बलि चढतीं ?…….
कृषिमन्त्रीजी ! इसप्रकार, यह सूची बहुत ही लम्बी है; अतः भारतको अधिकृत रूपसे हिन्दू राष्ट्र  घोषित कर, सनातन धर्मको राज्याश्रय देना एवं उसीके अनुसार राजकार्य चलाना अब अति आवश्यक हो गया है । (१२.६.२०१७)



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